features of Windows

विण्डोज की विशेषताएँ तथा उसके फायदे और नुकसान । Different features of Windows- Advantages and Disadvantages

Features of Windows: माइक्रोसॉफ्ट विण्डोज अमेरिका की एक कम्पनी “माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन” द्वारा विकसित किया गया एक सॉफ्टवेयर है। सुरू सुरू में आये विण्डोज के सभी संस्करण (Version) एप्लिकेशन पैकेज थे जिन्हें क्रियान्वित होने के लिए डॉस ऑपरेटिंग सिस्टम चाहिये था। उसके बाद आये सभी संस्करण (Version) स्वयं ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह कार्य करते हैं।

features of Windows
Windows OS

ऑपरेटिंग सिस्टम होने के कारण यह कई अन्य सॉफ्टवेयर्स जैसे- माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, फोटो पेन्ट, पेजमेकर आदि पर कार्य करने के लिए वातावरण उपलब्ध करता है। कम्प्यूटर्स के लिए विकसित किया गया, यह सॉफ्टवेयर, ग्राफिकल यूजर इन्टरफेस पद्धति पर आधारित है। जिन एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर्स से हम विण्डोज में कार्य करते हैं वे सभी स्क्रीन पर एक आयताकार क्षेत्र में प्रदर्शित होते हैं। इसी आधार पर इस सॉफ्टवेयर का नाम विण्डोज पड़ा है।

इस सॉफ्टवेयर की कुछ विशेषताएँ (features of Windows) निम्नलिखित हैं

  • ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) – विण्डोज को चूँकि एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के साथ-साथ ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है। अतः यह डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम का स्थान लेकर उसके समस्त कार्यों तथा प्रक्रियाओं को बखूबी निभाता है। कम्प्यूटर को विण्डोज से बूट करने पर प्रॉम्प्ट चिन्ह (जैसे- की (Key) में आता है) प्रदर्शित होने के बजाय एक विण्डोज डेस्कटॉप आता है।
  • यूजर फ्रेन्डली (User Friendly) – विण्डोज एक जी.यू.आई. पद्धति पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसमें दिये जाने वाले सभी कमाण्ड्स के लिए स्क्रीन पर ग्राफिकल ऑब्जैक्ट जिन्हें आइकन कहते हैं, बने होते हैं। अतः यहाँ पर डॉस की तरह कमाण्ड्स को की-बोर्ड की सहायता से टाइप करने के बजाय माउस पॉइन्टर की सहायता से चुन कर ही कम्प्यूटर को दिया जा सकता है।
  • मल्टिटास्किंग (Multitasking) – विण्डोज भी एक ऐसा ऑपरेटिंग वातावरण प्रदान करता है जहाँ हम एक साथ (एक ही समय में) दो या दो से अधिक एप्लिकेशन प्रोग्राम खोलकर उनमें काम कर सकते हैं। खोले गये सभी प्रोग्राम्स को एक अलग आयताकार क्षेत्र (जिसे विण्डोज कहा जाता है) में प्रदर्शित किया जाता है। हम अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी विण्डोज पर जाकर उस प्रोग्राम में कार्य कर सकते है, कि वहाँ पर क्रियान्वित है।
  • सूचना साझेदारी (Information Sharing) – विण्डोज में हम न सिर्फ एक साथ, एक ही समय में दो या दो से अधिक एप्लिकेशन पर कार्य कर सकते हैं वरन् उन एप्लिकेशन के मध्य सूचनाओं का आदान-प्रदान भी कर सकते हैं। खोले गये प्रोग्राम्स को एक अलग आयताकार क्षेत्र (जिसे विण्डोज कहा जाता है) में प्रदर्शित किया जाता है।
  • शॉर्टकट (Shortcut)- विण्डोज में हम किसी भी प्रोग्राम या कमाण्ड का शॉर्टकट बनाकर आइकन के रूप म डेस्कटॉप पर रख सकते हैं। इसमें न केवल कार्य करने में सरलता होती है, अपितु समय भी कम लगता है।

Advantage and Disadvantage of Windows OS:

Advantages of Windows OS | विंडोज के फायदे

  • Easy to use- विंडोज एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसको कोई भी और किसी भी उम्र के व्यक्ती आसानी से इसको चला सकता है। किसी भी दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम की तुलना मे इसका उपयोग आसानी से किया जा सकता है।
  • Software : विंडोज में किसी भी सॉफ्टवेर को स्तेमाल करना ज्यड़ा आसान है, इसलिए विंडोज OS को चलाने वालों की संख्या ज्यादा है। सभी तरह के सॉफ्टवेर use करने को मिल जाते हैं विंडोज मे।
  • Compatibility : समय समय पर विंडोज के नए नए Version और updation आते रहते हैं , जो इसको compatible बनाता है।

Disadvantage of Windows OS | विंडोज के नुकसान

  • Price : Microsoft Windows की Price दुसरे ऑपरेटिंग सिस्टम की तुलना मे ज्यड़ा होती है जैसे की Linux आदि के मुक़ाबले मे।
  • Securiry : Windows OS मे सिक्यूरिटी शुरू से ही चर्चा का विषय रही है। Linux इत्यादि के मुकावाले Windows OS मे सेक्युर्टी काफी कमजोर है। ऐसा माना जाता रहा है की Windows के प्रोडक्ट्स कभी भी सिक्यूरिटी के लिए नहीं बनाये जाते है इसलिए Windows के hack होने की संभावना ज्यड़ा रहती है, जो की मुसीबत का विषय रहा है।
  • Reliability : Windows मे अगर ज्यादा मेमोरी वाले सॉफ्टवेर को चलाएं तो ये Hang हो जाता है, जिससे इसे बार बार Reboot करना पड़ता है।

तो ये है Windows OS के कुछ फायदे और नुक्सान।

विडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें-

e-RUPI in Hindi

e-RUPI क्या है ?, कैसे काम करता है, और इसके लाभ क्या हैं?

अभी हाल ही मे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अगस्त को कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस भुगतान के नए टूल के रूप में ई-रुपी (e-RUPI) का शुभारंभ किया यानी E RUPI Digital payment Solution जारी किया गया है। इसके तहद भारत मे अब डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और अधिक मजबूती मिलेगी। इसके तहद अब ई – वाउचर की सुबिधा कुछ सेवाओं के लिए सीधे फोन पर QR कोड या SMS के जरिये मिलेगी।

यानी अब आपको सरकार जो भी सुबीधाए देगी उसके लिए अब वो आपको पैसे न देकर एक वाउचर देगी जो की QR Code या SMS के रूप मे होगा, आप इस वाउचर का उपयोग सिर्फ उसी सुभीधा के लिए कर सकते हैं जिस सुबिधा के लिए उसे Generate किया गया है।


Highlights:

  • क्या है ये e-RUPI?
  • कैसे काम करती है ये?
  • और कहाँ पर बनेगा ये।
  • क्या फायदे है इस E RUPI के ?

e-Rupi क्या है (What is e-RUPI)?

ये एक प्रकार का “एलेक्ट्रोनिक वाउचर बेस सिस्टम” (Electronic Voucher Base System) है। ये एक तरह का UPI का ही advance वर्शन हैं। इसको Develop किया है NPCI ने यानी (National Payment Corporation of India) ने। इसके अंतर्गत UPI, Rupey Card, BHIM इत्यादि भी आते है। इन सबको भी इसी NPCI ने ही Develop किए थे।

देश मे जो भी पैसों का लेनदेल Digitally रूप मे होता है उसको ये NPCI ही कंट्रोल करती है। UPI, Rupey card और भीम के अलावा अब ये e-Rupi भी इसी NPCI के अंतर्गत ही आती हैं, यही इनको कंट्रोल करता है इसीलिए NCPI को इन सभी सेवाओं का umbrella भी कहते हैं।

कैसे काम करता है e-RUPI (How Does e-RUPI Work)?

अभी हमने बताया था की सरकार समय समय पर कुछ सुभीधाओ का लाभ अलग अलग क्षेत्रों के लोगों को देती है। जैसे गरीब बच्चों को किताब खरीदने की सुबिधा, किसी संस्था को sanitizer या मास्क बाटने की सुबिधा, गर्भवती माताओ के लिए सुबिधा, जनधन के लिए सुबिधा, इसी तरह से और भी कई सुबीधाए हैं जिनके लिए सरकार पैसे देती है।

अभी किसानो के लिए सरकार किसान सम्मान निधि की सुबिधा दे रही है। इसमे किसान के खाते मे एक निश्चित पैसा सारकार समय समय पर डाल देती है। सरकार ये पैसा किसलिए डालती है जिससे किसान उस पैसे से खाद व बीज इत्यादि खरीद सके।

लेकिन अभी क्या होता है, जैसे ही लाभार्थी के खाते मे पैसा आता है वो उस पैसे से कुछ और अनावश्यक वस्तुएं खरीद लेता है। तो अभी ये पता ही नहीं चलता की दिया गया पैसा का क्या उपयोग हो रहा है। क्योकि अभी सरकार की सुबीधाओं का पैसा सीधे उनके खाते मे आ जाता है। उसे वो cash के रूप मे उपयोग कर लेते हैं।

तो अब सरकार ने ये e-Rupi सुबीधा देनी सुरू की है जिसमे अब वो आपको पैसे न देकर एक वाउचर देगी जो की QR Code या SMS के रूप मे होगा, आप इस वाउचर का उपयोग सिर्फ उसी सुबिधा के लिए कर सकते हैं जिस सुबिधा के लिए उसे Generate किया गया है।

जैसे अब किसान के मोबाइल पर QR कोड या SMS के रूप मे एक वाउचर आ जाएगा खाद व बीज खरीदने के लिए। अब अगर किसान चाहे की इस वाउचर का उपयोग कहीं और जगह किनही और वस्तुओं को खरीदने के लिए कर ले तो वो अब नहीं कर पाएगा, क्योकि वो वाउचर सिर्फ खाद या बीज के लिए ही Generate किया गया है। ये वाउचर किसी और काम के लिए अब use कर ही नहीं पाएंगे। इस तरह से सरकार की सुबिधा का पूरे पैसा का सही से सद-उपयोग अब हो पाएगा।

E RUPI बनेगा कैसे

ये e rupi को बैंक बनाएँगी। अभी करीब 8 banks मे e-Rupi बनाने की सुबिधा है। जिसमे SBI, HDFC, Axsis Bank, ICICI, Bank of Baroda, Indusind Bank, PNB और Canera bank इत्यादि मे ये सुबिधा है । आगे चलकर और भी पब्लिक, और प्राइवेट बैंक इससे जुड़ती जाएंगी।

मान लो किसी बच्चे को बहुत अच्छे मार्क्स आए है, अब सरकार उसे 10,000 रुपये की Scholarship देना चाहती है जिससे वह आगे की पड़ाई कर सके या फिर किताबे इत्यादि खरीद ले तो सरकार इन बैंक को बोलेगी की आप 10 हजार रुपये इस बच्चे के खाते मे डाल दो scholarship के रूप मे।

तो बैंक क्या करेगी ये 10 हजार रु. उसके मोबाइल मे QR Code और SMS के वाउचर के रूप मे ट्रान्सफर कर देगी। अब अगर बच्चा चाहे की इन 10 हजार मे से 5 हजार रु. हम किसी दूसरे काम मे स्तेमाल कर लें तो अब वो ऐसा नहीं कर पाएगा। क्योकि ये QR code इस तरह का होगा की कही और जगह स्तेमाल ही नहीं हो पाएगा। यानि अब आपको पूरा का पूरा 10 हजार रु. का स्तेमाल उसी काम के लिए करना होगा।

अब इस e-Rupi के लिए अब न तो इंटरनेट की जरूरत पड़ेगी और न ही स्मार्ट फोन की। अगर आपके पास नॉर्मल फोन भी है तब भी आप इस सेवा का लाभ ले सकते हैं।

e-Rupi के फायदे (Benefits of e-RUPI)

  • सरकार को अब ये पा चल जाया करेगा की की जिस लाभ के लिए particular व्यक्ती को पैसा दिया था उसका लाभ उसने लिया की नहीं लिया। यानी उसको ट्रैक किया जा सकता है।
  • दूसरा प्राइवसी, privacy बहुत है इस e rupi से, यानि जिस काम के लिए आपको वाउचर मिला है उस जगह पर आपको यह वाउचर दिखा देना है बस। न आप से नाम पूछा जा रहा है और न ही आपका एड्रैस।
  • E-RUPI से सिर्फ सरकारी ही नहीं गैर सरकारी संस्थाओ को भी लाभ शिक्षा के क्षेत्र मे मेडिकल के क्षेत्र मे मिलेगा।
  • ई रूपी (e Rupi) के जरिये सभी योजनाओ का क्रियान्वयन बिना किसी लीकेज के हो सकेगा।

तो बहुत अच्छा कदम है सरकार द्वारा e-Rupi की सेवा सुरू करना इससे अब पूरा का पूरा लाभ मिल सकेगा सरकारी सुबीधाओं का।

Video of e- RUPI

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Computer and Health

Computer and Health- लगातार कंप्यूटर पर बैठने से हो सकती हैं यह बीमारियां, जानें इनसे बचने के उपाय

Computer and Health: आज का युग विज्ञान का युग है। विज्ञान ने हम लोगों को बहुत से एसे यंत्र और व उपकरण दिये हैं जिनसे हमारे जीवन में सरलता व सहजता का विस्तार हुआ है। इस प्रकार ये यंत्र हमारे जीवन के लिये वरदान सिद्ध हुए हैं। इन्हीं वरदान-स्वरूपी यंत्रों में एक यंत्र है कम्प्यूटर।

जब कभी भी कम्प्यूटर के विषय में किसी से कोई चर्चा करते हैं, तो वह तकनीकी ज्ञान अर्थात् हार्डवयर व सॉफ्टवेयर तक ही सीमित रह जाती है, किन्तु कभी भी हम इस विषय पर कोई चर्चा नहीं करते कि हम लोगों की सेहत पर इस नयी तकनीक का कोई असर होता है अथवा नहीं। कम्प्यूटर का हमारी सेहत पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े इस बात पर ध्यान देना आवश्यक है।

यह एक महान् आश्चर्य का विषय है कि कम्प्यूटर पर काम करने की धुन में हम इतना मग्न हो जाते हैं कि स्वयं को लगभग भूल ही जाते हैं। जिसके परिणामस्वरूप Computer पर काम करने के कारण अपना स्वास्थ्य ( Health) गवा देने वालों की संख्या निरन्तर बढ़ती जा रही है।

कम्प्यूटर से होने वाली बीमारियाँ – Computer Diseases (Computer and Health):

कम्प्यूटर से होने वाली बीमारियों को ‘कारपल टेनल सिंड्रोम’ रिपीटेटिव स्ट्रेन इन्जरी सिंड्रोम नाम दिया गया है। ये नयी-नयी प्रकार की बीमारियाँ कम्प्यूटर पर कार्य करते समय की-बोर्ड पर तेजी से दौड़ती हमारी उंगलियों व हाथ के एक ही स्थिति बार-बार संचलित होने और मस्तिष्क में लम्बी एकाग्रता से उत्पन्न होने वाली स्ट्रेन केकारण होती है।

इन सबके कारण कुछ समय में ही हमारे गले, कंधे, कलाई व हाथों में दर्द और अकड़नें होने लगती हैं जिसके कारण आगे चलकर बांहें कमजोर होने लगती हैं। इसके साथ ही रीढ़ की हड्डी में अकड़न व स्पांडी लाइटिस की बीमारी हो सकती है।

आँखों पर प्रभाव :

कम्प्यूटर मॉनीटर से निकलने वाली टाक्सीन व कुछ अन्य जहरीली गैसें जो गंधहीन होने के कारण नोटिस में नहीं आती, अपनी अधिक मात्रा के कारण शरीर में कैंसर उत्पन्न कर सकती हैं। स्क्रीन पर टकटकी लगाकर काफी देर तक देखते रहने के कारण आँखों का तनाव, नजर की कमी व ड्राई आई सिंड्रोम जैसी बीमारियाँ हो जाती हैं जिसके फलस्वरूप आँखें झपकना भूल जाती हैं।

Tenosynovitis:

इस बीमारी का सीधा असर कम्प्यूटर प्रयोगकर्ता की हथेली पर पड़ता है। उसकी हथेली की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है। इसके परिणामस्वरूप उसकी हथेली में भयंकर दर्द होने लगता है।

कंधों में जकड़न (Rotator Cuff Injury):

यह बीमारी कम्प्यूटर प्रयोगकर्ता के कंधों को अपने असर में लेती है। कंधों में जकड़न व अकड़न की स्थिति आ जाती है जिसके परिणामस्वरूप कंधों में असहनीय दर्द होने लगता है।

Computer and health

हाथ के स्नायुओं में जलन (Tendinitis):

किसी कम्प्यूटर प्रयोगकर्ता के हाथ के स्नायुओं को प्रभावित करती है यह बीमारी। इस बीमारी के कारण हाथ के स्नायुओं में जलन होने लगती है व दर्द का अहसास होता है।

कोहनियों पर सूजन (EP Code Deltitis Tendon ):

यह बीमारी कम्प्यूटर प्रयोगकर्ता की बगलों व कोहनियों को अपनी गिरफ्त में लेती है। प्रयोगकर्ता की बगलों व कोहनियों पर सूजन आ जाती है और उसकी बगलों व कोहनी में दर्द होने लगता है।

हथेली की मांसपेशियों में सूजन (Carpal Tunnel Syndrome):

इस बीमारी के कारण कम्प्यूटर प्रयोगकर्ता की हथेली की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है और दर्द होना प्रारम्भ हो जाता है।

बचाव के उपाय:

कम्प्यूटर द्वारा होने वाले रोगों का शिकार वे ही लोग होते हैं जो अपना ज्यादातर समय कम्प्यूटर पर कार्य करते हुए बिताते हैं, इन लोगों में प्रमुखता से डी०टी०पी० ऑपरेटर, शेयर दलाल, चार्टड एकाउन्टेन्ट व वे लोग हैं जिनका काम मॉनीटर स्क्रीन पर बैठे रहना है। वैज्ञानिकों व डॉक्टरों के अनुसार कम्प्यूटर द्वारा होने वाले ये रोग कम्प्यूटर प्रयोगकर्ता द्वारा कम्प्यूटर के गलत ढंग से प्रयोग के फलस्वरूप होते हैं।

इन समस्याओं से बचने का एक ही तरीका है और वह यह है कि कम्प्यूटर व इसके सहायक उपकरणों को सही ढंग से लगाया जाये तथा स्वास्थ्य संबन्धी नियमों का पालन किया।

  • कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व सबसे पहले अपनी सीट पर ध्यान दें। सीट की ऊँचाई सीट का झुकाव व पीठ के सहारे को एडजस्ट करें। ये सब इस प्रकार व्यवस्थित होने चाहिये कि आप आरामदायक ढंग से बैठकर कार्य कर सकें। सीट की ऊँचाई को बढ़ाने के लिये सल वस्तु के स्थान पर गद्दी का प्रयोग करना चाहिये।
  • पाँव फर्श पर समतल रखे होने चाहिये, साथ ही शरीर से थोड़े से आगे होने चाहिये।
  • घुटने आरामदायक तरीके से मुड़े होने चाहियें तथा जांघे फर्श के समानांतर होनी चाहिये। पीठ को सहारा देने वाले कुर्सी के हिस्से का पीछे की तरफ झुकाव मामूली होना चाहिये, ताकि पीठ पूरी तरह से इस पर टिकी रहे।
  • कार्य करते समय एक पैर को दूसरे पैर पर चढ़ाने अथवा मोड़कर कुर्सी से सटाने से रक्त प्रवाह में रुकावट आती है जिससे बहुत जल्दी थकान आ अनुभव होता है।
  • कार्य करने के लिये की-बोर्ड व माऊस हमेशा करीब होना चाहिये ताकि इनका प्रयोग आरामदायक ढंग से किया जा सके। ऐसा नहीं होना चाहिये कि माऊस व की-बोर्ड को प्रयोग करने के लिये आपको बार-बार झुकना पड़े अथवा हाथों को आगे बढ़ाना पड़े।
  • कार्य करते समय मस्तिष्क को बिल्कुल तनाव-मुक्त रखना चाहिये। तनाव होने से थकान जल्दी होती है। र कार्य करते समय अपने पास बैठे लोगों से न तो स्वयं बात करें और ना ही दूसरों को बातें करने दें। यदि आवश्यक हो, कार्य रोककर बातें करें। इससे काम करते समय होने वाली गलतियों से बचाव तो होता ही है, साथ ही समय भी बचेगा।
  • मॉनीटर का स्तर आँखों के स्तर से थोड़ा नीचा ही होना चाहिये ताकि कार्य करते समय बार-बार गर्दन को ऊपर-नीचे न करना पड़े।
  • मॉनीटर हमेशा ऐसे स्थान पर रखा होना चाहिये कि पीछे से आने वाली रोशनी उस पर न पड़े, क्योंकि ऐसा न होने पर रोशनी की चमक आँखों पर पड़ेगी जिससे कार्य करने में तो दिक्कत होगी ही, साथ ही आँखों पर भी गलत असर पड़ेगा।
  • मॉनीटर को छाती की ऊँचाई तक ही रखना चाहिये तथा मॉनीटर व आपकी आँखों के बीच कम-से-कम 15 इंच से 18 इंच तक की दूरी होनी चाहिये।
  • लगातार टकटकी बाँधकर कम्प्यूटर की ओर नहीं देखना चाहिये वरन् बीच-बीच में कहीं दूर या दूसरी तरफ देखने की कोशिश करें। लंच अथवा किसी समय 5 से 10 मिनट के लिये पीठ टिकाकर आँखें बंद करके बैठने से आँखों को अत्यधिक राहत प्राप्त होती है।
  • माऊस को प्रयोग करते समय उसे कसकर नहीं पकड़ना चाहिये। माऊस को हल्के हाथ से पकड़कर रखें व चलाते समय कलाई को सीधा रखना चाहिये। एक विशेष बात, माऊस को चलाते समय पूरी बाँह का प्रयोग करना चाहिये केवल कलाई का नहीं।
  • कार्य करते समय स्थिति को ठीक रखते हुए थोड़ी-थोड़ी देर के लिये अपनी मुद्रा भी बदलते रहें। लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने से थकान तो होती ही है, साथ ही कमर, गर्दन व सिर में दर्द भी हो सकता है।
  • कार्य करते समय थोड़ी-थोड़ी दर में उठते रहना चाहिये। साथ ही कुछ देर टहलना भी चाहिये। लगातार एक जैसा कार्य बार-बार करने से बचना चाहिये। बीच-बीच में आँखों को आराम देने के लिये आँख-मिचौली करनी चाहिये जिससे आँखें बुरे असर से दूर रहें।
  • काम करते समय कलाई को मुड़ी हुई अवस्था में नहीं रखना चाहिये। टाइपिंग करते समय कलाई में खिंचावन हो अथवा उसे झटके न लगें इसका भी विशेष ध्यान रखना चाहिये। कलाइयों को बाँहों की सीध में रखना चाहिये।
  • आँखों में सूखापन महसूस होने पर उन्हें पानी डालकर गीला करने की कोशिश न करें। क्योंकि स्वच्छ पानी के अभाव में आँखों में इन्फैक्शन भी हो सकता है। पानी के स्थान पर चिकनाई अथवा गुलाब जल का प्रयोग बेहतर है। किन्तु डॉक्टर की सलाह लेकर उपचार करना अधिक श्रेयस्कर है।
  • कार्य के दौरान, कार्य की अधिकता के कारण थूक, छींक व पेशाब आदि को ज्यादा देर तक रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिये। ऐसा करने से संवदेनशील बीमारी होने का खतरा रहता है।
  • आठ घन्टे से अधिक समय तक कार्य करने वाले व्यक्ति के लिये आवश्यक है कि वह कम-से-कम तक पैदल चले तथा हर एक-दो घन्टे में पाँच मिनट का विश्राम ले।
  • कम्प्यूटर एक आश्चर्यजनक उपकरण है किन्तु प्रत्येक फायदेमंद उपकरण की तरह इसमें भी कुछ ऐसी बातें हैं जिनका ख्याल न रखने पर नुकसान हो सकते हैं और अनेक बीमारियों की चपेट में आकर व्यक्ति अपाहिज हो सकता है।
  • यदि एक कम्प्यूटर प्रयोगकर्ता ध्यान दे और ऊपर लिखी सावधानियों पर ध्यान दे तो इन साधारण सावधानियों को बरतकर नुकसानों व बीमारियों से बच सकता है और कम्प्यूटर नामक इस वरदान को अभिशाप बनने से रोक सकता है।
Computer and Health
Computer and Health

तो अगर आप COMPUTER and HEALTH के संबंध मे इन ऊपर दिये गए बिन्दुओ पर ध्यान दोगे तो आप Computer का भी उपयोग ज्यादा समय और सुरक्षित रूप से कर सकते हैं। आपको ये लेख कैसा लगा कमेंट मे जरूर लिखे। धन्यवाद!

MIS Scheme

मंथली इनकम स्कीम- Monthly Income Scheme (MIS) 2022 (Update)

आज मै आपको बताऊंगा पोस्ट ऑफिस की MIS Scheme यानी की मंथली इनकम स्कीम (Monthly Income Scheme) के बारे मे विस्तार से। इसके आलावा मैं आपको यह भी बताऊंगा की कैसे MIS स्कीम मे आप 48000 रुपये अतरिक्त का फाइदा उठा सकते हैं। यानि आपको MIS से जो भी Interest से पैसे मिलेंगे उसके भी अतरिक्त आप कैसे 48000 रुपये का फाइदा अलग से इस MIS स्कीम से ले सकते हैं।

MIS स्कीम क्या है?

अगर आप Retire Person हैं या फिर आपके पास पहले से कुछ इकट्ठा पैसा पड़ा हुआ है और आप उस पैसे पर हर महीने कुछ निश्चित आय चाहते हैं, तो ये स्कीम आपके लिए सबसे बड़िया स्कीम है।

MIS की विशेषताएँ-

  • MIS Scheme मे Minimum 1000 रु. और Maximum 4.5 लाख रुपये तक जमा करवा सकते हैं और अगर आप जाइंट अकाउंट कुलवाते हैं तब आप इसमे 9 लाख रु. तक जमा करवा सकते हैं।
  • पोस्ट ऑफिस मे MIS Scheme 5 सालों के लिए होती हैं। यानि 1 बार इसमे पैसा Invest करने के बाद आप 5 सालों तक हर महीने की निश्चित आय पा सकते हैं।
  • अगर इस स्कीम के ब्याज के वारे मे बात करें तो अभी Post Office मे MIS स्कीम पर 6.7 फीसदी का ब्याज दिया जा रहा है।

MIS मे 1 लाख रुपये पर कितना मिलेगा?

जैसे अगर आप मंथली इनकम स्कीम मे एक लाख रुपये एक साथ जमा करते हैं तब आपको हर महीने 550 रु. ब्याज के मिलेंगे 5 वर्ष तक।
और अगर हर महीने ये 550 रु. नहीं लेना चाहते तब आपको 5 वर्ष बाद 133000 रु. मिलेंगे यानि 33000 रु. इसमे आपको ब्याज के मिलेंगे।

MIS मे 2 लाख रुपये पर कितना मिलेगा?

इसी तरह से अगर आप 2 लाख रु. इसमे जमा करते है तब आपको 6.7% के इंटरेस्ट से हर महीने 1100 रु. मिलेगे।
और अगर हर महीने ये 1100 रु. नहीं लेना चाहते तब आपको 5 वर्ष बाद मूलधन और ब्याज के साथ 266000 रु. मिलेंगे यानि 66000 रु. इसमे आपको ब्याज के मिलेंगे।

MIS मे 3 लाख रुपये पर कितना मिलेगा?

अगर आप 3 लाख रु. का Investment करते हैं MIS मे तब आपको हर महीने 1650 रु. मिलेंगे।
हर महीने नहीं लेने पर मूलधन और ब्याज को मिलाकर 5 साल बाद 3,99000 रु. मिलेंगे।

MIS मे 4.5 लाख के जमा पर कितना मिलेगा?

अगर 4.5 लाख रु. इसमे Invest करते हैं तब आपको हर महीने 2475 रु. मिलेगे। 5 वर्षों तक।
हर महीने नहीं लेने पर 5 साल बाद आपको 5,98500 रु. मिलेंगे।

MIS मे 9 लाख रुपये के जमा पर कितना मिलेगा?

अगर आपने मंथली इनकम स्कीम मे Joint Account खोला है तब आप इसमे 9 लाख रुपये तक इन्वेस्ट कर सकते हैं।
तो 9 लाख रुपये जमा पर आपको हर महीने 6.7% के Interest से 4950 रु. मिलेंगे।
हर महीने नहीं लेने पर मूलधन और ब्याज को मिलाकर 5 साल बाद 11,97000रु. मिलेंगे।

तो यो तो थे MIS पर मिलने वाले अलग अलग Amount।

कैसे लें 48000 रु. तक का अतरिक्त फायदा?

अब हम जान लेते हैं की मंथली इनकम स्कीम से अतरिक्त Amount का फायदा कैसे ले सकते हैं। कैसे हम 48000 रुपये तक Extra कमा सकते है।
इसके लिए आपको पोस्ट ऑफिस मे एक और Account को खुलवाना पड़ेगा। तो वो है RD Account यानि Recurring Deposit अकाउंट। अगर आप MIS मे मिलने वाले Interest को सीधे RD Account मे जमा करवाते हैं। तब आप MIS से अतरिक्त रुपये का फाइदा ले सकते हैं।

जैसे अभी हमने बताया था की अगर आप 1 लाख रुपये MIS Scheme मे जमा करते है तब आपको हर महीने 6.6% के Interest से 550 रुपये मिलते हैं।

अगर ये 550 रुपये आप RD Account मे 5 सालों तक जमा करें तब आपको 5 साल बाद 5.8% के Interest से 38,333 रुपये मिलेंगे।

इसमे मूलधन 1 लाख को जोड़ें तो 1,38,333 रु. होते हैं।
जबकि MIS मे हर महीने Amount नहीं लेने पर 5 साल बाद आपको 1,33000 रुपये मिलते हैं।

इस तरह से 1 लाख रुपये के Invest पर हमे 5,333 रुपये का फाइदा मिल जाता है।
RD 138,333- MIS 133000=5,333रु.

अगर हम MIS मे 2 लाख रु. जमा करते हैं तब आपको 6.6% के इंटरेस्ट से हर महीने 1100 रु. मिलेगे।
इन 1100 रुपयों को अगर RD मे जमा करे हर महीने 5 सालों तक तो 5 साल बाद 5.8 के Interest से आपको मूलधन के साथ पोस्ट ऑफिस 1,76,666 रुपये मिलेंगे।
जबकि इसमे हर महीने Amount नहीं लेने पर 5 साल बाद आपको 2,66000 रुपये मिलते हैं।

तो इस तरह से 2 लाख रुपये के Invest पर हमे 10,666 रुपये का फाइदा मिल जाता है।

और अगर हम MIS मे 3 लाख रु. जमा करते हैं तब आपको 6.6% के इंटरेस्ट से हर महीने 1650 रु. मिलेगे।
इन रुपयों को अगर RD मे जमा करे हर महीने 5 सालों तक तो 5 साल बाद 5.8 के Interest से आपको मूलधन के साथ 4,15,000 रुपये मिलेंगे।
जबकि MIS मे हर महीने Amount नहीं लेने पर 5 साल बाद आपको 3,99000 रुपये मिलते हैं।

इस तरह से 3 लाख रुपये के Invest पर हमे 16000 रुपये का फाइदा मिल जाता है।

और इसी तरह अगर आप पोस्ट ऑफिस मे 4.5 लाख रु. जमा करते हैं तब आपको 6.6% के इंटरेस्ट से हर महीने 2475 रु. मिलेगे।
इन 2475 रुपये को आप अगर RD Account मे जमा करें तब आपको 5 साल बाद 5.8% के Interest से 1,72,500 रुपये मिलेंगे। इसमे मूलधन 4.5 लाख को जोड़ें तो 6,22,500 रु. होते हैं।
जबकि MIS मे हर महीने Amount नहीं लेने पर 5 साल बाद आपको 5,98,500 रुपये मिलते हैं।

इस तरह से 4.5 लाख रुपये के Invest पर हमे 24000 रुपये का फाइदा मिल जाता है।

अब हम बात करते हैं maximum 9 लाख रु. की।

अगर आप पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम मे मैक्सिमम 9 लाख रुपये जमा करते है तो आपको हर माह 4950 रुपये का Interest मिल जाता है।
तो अगर इन 4950 रुपयों को RD अकाउंट मे 5 सालों के लिए हर महीने जमा करवाते हैं तब 5.8% के Interest से 3,45000 रु. मिलेंगे। अगर 9 लाख का मूलधन भी जोड़ें तो ये 12,45000 हो जाता है।
जबकि MIS मे हर महीने Amount नहीं लेने पर 5 साल बाद आपको 11,97000 रुपये मिलते हैं।
तो इस तरह से 9 लाख रुपये के Invest पर हमे 48000 रुपये का फाइदा मिल जाता है।
अच्छी स्कीम है अगर आपके पास lumpsum पैसा पहले से पड़ा हुआ है।

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1 साल की FD

1 साल की FD (फ़िक्स्ड डिपॉज़िट)पर कौनसी बैंक मे मिलेगा सबसे ज्यादा ब्याज | Best Interest on Fixed Deposit in Bank

आप देख रहें है की दिन पर दिन आजकल सविंग स्कीम की ब्याज दरें कम होती जा रही हैं। खासकर फ़िक्स्ड डिपॉज़िट पर, जिसको सबसे ज्यादा लोग बैंक मे करवाते हैं। पहले 7-8 साल मे FD पर पैसा दोगुना हो जाता था। लेकिन अब ये 11 – 12 सालों मे दो गुना हो पाता है। इसीलिए लोग अब कम ब्याज के मिलने से अपने पैसे को लंबे समय के लिए Fixed Deposit मे निवेश करके नहीं रखना चाहते। वो अब 1 दो या 5 सालों के लिए ही FD करवाते हैं खासकर 1 साल की FD .

अगर आप भी बैंक मे 1 साल की अबधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट कराने की सोच रहे हैं तो मै आपको बताऊंगा की ऐसी कौनसी Banks हैं जहां पर आपको ‘1 साल की FD’ करने पर अच्छा ब्याज मिल सकता है।

भविष्य के लिए पैसे जोड़ने के लिए “फिक्स्ड डिपॉजिट” यानी फिक्स्ड डिपॉजिट एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन अभी हमने बताया था की फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें दिन पर दिन घटती जा रही हैं। लेकिन अभी भी कुछ बैंक ऐसे हैं, जो अच्छे रिटर्न की पेशकश कर रहे हैं जहां पर कम समय की FD पर भी अच्छा Return मिल जाता है। तो कौन कौन सी वो बैंक है आइये जान लेते है एक एक करके-

RBL Bank

अगर आप RBL बैंक में 1 साल की FD कराते हैं तो इस पर आपको 6.50 फीसदी सालाना का ब्याज मिलता है। वही अगर आप सीनियर सिटीजन के श्रेणी मे आते है तब आपको यह ब्याज दर 7 फीसदी सालाना की मिलेगी। यानि अगर आप इसमे 1 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट एक साल के लिए करवाते हैं तब आपको 6.5% के interest से टोटल 10,6660 रुपये मिलेंगे। 6,6660 रुपये इसमे आपको ब्याज के मिलेंगे। ही आप अगर सीनियर सिटिज़न हो तब आपको 1 लाख की FD पर 7% के interest से 1,07,186 रुपये मिलेंगे।

IndusInd Bank

अगर आप IndusInd बैंक में 1 साल की FD कराते हैं तो इस बैंक मे भी आपको 6.50 फीसदी सालाना का ब्याज मिलता है। वही अगर आप सीनियर सिटीजन के श्रेणी मे यह ब्याज दर 7 फीसदी सालाना की मिलेगी। यानि अगर आप इसमे 1 लाख रुपये की FD एक साल के लिए करवाते हैं तब आपको 6.5% के interest से टोटल 10,6660 रुपये मिलेंगे। 6,6660 रुपये इसमे आपको ब्याज के मिलेंगे। वही आप अगर सीनियर सिटिज़न हो तब आपको 1 लाख की FD पर 7% के interest से 1,07,186 रुपये मिलेंगे।

Yes Bank

अगर आप इस बैंक मे 1 साल की FD करवाते है तब आपको Generally 6.25% सालाना का ब्याज मिलेगा। और अगर आपकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है यानि आप सीनियर सिटिज़न हो तब आपको .5% ज्यादा का ब्याज यानि की 6.75% का ब्याज मिलेगा। तो अगर आप इसमे 1 लाख रुपये की FD एक साल के लिए करवाते हैं तब आपको 6.25% के interest से टोटल 10,6398 रुपये मिलेंगे। 6,398 रुपये इसमे आपको ब्याज के मिलेंगे। तो 1 लाख रुपये की FD एक साल के लिए करवाते हैं तब आपको 6.75% के interest से टोटल 10,6923 रुपये मिलेंगे। 6923 रुपये इसमे आपको ब्याज के मिलेंगे।

DCB Bank

अब जान लेते हैं अगली बैंक के वारे मे तो वो है DCB बैंक जिसका Full form पहले Development Co-operative Bank था। लेकिन अब इसका नाम Development Credit Bank हो गया है। जिसे सॉर्ट मे DCB के नाम से जानते है। अगर आप इस बैंक मे 1 साल के लिए एफ़डी करवाते हैं तब जनरल लोगों को इसमे 6.05% का इंटरेस्ट मिलेगा और सीनियर सिटीजन के लिए यह दर 6.55 फीसदी है। तो 1 लाख रुपये की FD पर इसमे आपको 6.05% के interest से टोटल 10,6189 रुपये मिलेंगे। 6189 रुपये इसमे आपको ब्याज के मिलेंगे। और सीनियर सिटिज़न को यह Amount 6.55% से टोटल 106,713 रुपये का मिलेगा। 6,713 रु. ब्याज के मिलेंगे।

Bandhan Bank

अगर आप Bandhan Bank मे 1 साल की FD कराते है तो इसमे आपको 5.75% का ब्याज मिलेगा और वहीं सीनियर सिटिज़न को यह ब्याज 6.5% का मिलेगा। तो 1 लाख रुपये की FD एक साल के लिए करवाते हैं तब आपको 5.75% के Interest से टोटल 10,5875 रुपये मिलेंगे। 5,875 रुपये इसमे आपको ब्याज के मिलेंगे। वही आप अगर सीनियर सिटिज़न हो तब आपको 1 लाख की FD पर 6.5% के interest से 1,6,660 रुपये मिलेंगे। 6660 Rs. इसमे आपको ब्याज के मिले।

Karur Vysya Bank

अगर आप इस बैंक मे 1 साल की FD कराते है तो इसमे आपको 5.50% का ब्याज मिलेगा और वहीं सीनियर सिटिज़न को यह ब्याज 6% का मिलेगा। तो 1 लाख रुपये की FD एक साल के लिए करवाते हैं तब आपको 5.50% के Interest से टोटल 10,5614 रुपये मिलेंगे। 5,614 रुपये इसमे आपको ब्याज के मिलेंगे। वही आप अगर सीनियर सिटिज़न हो तब आपको 1 लाख की FD पर 6% के interest से 1,6,136 रुपये मिलेंगे। 6136 Rs. इसमे आपको ब्याज के मिले।

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आज के इस लेख मे मै आपको Annuity Deposit Scheme के वारे बताऊंगा इसमे मै आपको बताऊंगा की-

  • क्या है ये स्कीम?
  • कौन ले सकता है इस स्कीम को ?
  • कितनी अवधी के लिए ले सकते हैं इसे?
  • किसलिए लेना चाहिए इस स्कीम को?
  • कहाँ पर खुलवा सकते हैं इस Annuity deposit स्कीम को?

अगर आप कहीं एकमुश्त पैसे जमा करने के बारे में सोच रहे हैं तो Annuity Deposit Scheme पर आप विचार कर सकते हैं। क्योकि इस योजना के तहत आपको एक बार मे इक्कट्ठा पैसा जमा करना होता है, इसके बाद आपको यह पैसा एक निर्धारित समय बाद यानी आपने कितने समय के लिए इसको डिपॉज़िट किया है उतने समय के लिए आपको ईएमआई(EMI) या कहे आपको हर महीने किश्त के रूप में यह निश्चित Amount मिलता रहता है.

क्या है ये स्कीम?

आपको हर महीने मूलधन के साथ-साथ इस पर ब्याज भी दिया जाता है। जो की आपके सविंग account या जो भी अकाउंट है उसमे जमा हो जाता है। Annuity Deposit Scheme के अंदर जो lump-sum Amount होता है वो Reduce होते होते लास्ट मे Zero पर पहुँच जाता है। लेकिन इसका फायदा ये होता है की आपको हर महीने एक Source Of Income मिलती रहती है।

कितने समय तक के लिए ले सकते हैं?

इस Annuity deposit स्कीम को आप 36 महीने, 60 महीने, 84 महीने या 120 महीने या कहे 3 वर्ष, 5 वर्ष, 7 वर्ष और 10 वर्ष तक के लिए ले सकते हैं।

तो आप इनमे से जितने साल के लिए इस स्कीम को लेते हैं उतने साल के लिए हर महीने एक फिक्स रकम का pay-out बन जाता है। इस pay-out मे कुछ हिस्सा interest का होता है और कुछ हिस्सा Principal Amount का रहता है।,ये हर महीने आपके Saving Account या फिर Current Account मे जमा हो जाता है। Maturity पर जाते जाते ये Amount Zero हो जाता है। Maturity पर कुछ नहीं मिलता इसमे।

कौन ले सकता है इस स्कीम को?

तो, कोई भी भारतीय इस Annuity Deposit Scheme को ले सकता है। इसे कोई भी person सिंगल रूप से ले सकता है। और अगर Jointly लेना चाहे तो इसे Jointly भी ले सकता है।

कितना Minimum या Maximum Amount इसमे हम जमा करवा सकते हैं?

इस स्कीम मे कम से कम आप 25000 रु. जमा करवा सकते हैं। और मिनिमम 3 साल के लिए ये स्कीम लेनी होती हैं। जिससे कम से कम आपको 1000 रुपये तो मिलने ही चाहिए हर महीने। Maximum की कोई लिमिट नही है। अधिकतम आप कितना भी पैसा इसमे जमा करवा सकते हैं।

स्कीम मे ब्याज कितना मिलता है?

तो आपको बता दें, इस स्कीम पर मिलने वाला Interest बिलकुल Fixed डिपॉज़िट के जितना ही रहता है। जैसे मान के चलिये 5 साल के लिए जितना फ़िक्स्ड डिपॉज़िट का interest रेट है, उतना ही इंटरेस्ट इस स्कीम पर आपको मिलेगा। अगर आप सीनियर सिटिज़न की श्रेणी मे आते हैं तो आपको नोरमल लोगों से .5% ज्यादा का इंटरेस्ट मिलेगा।
इसी तरह से अगर आप उसी बैंक के स्टाफ के मेम्बर है जिसमे आप ये Annuity Deposit Scheme लेना चाहते हैं तो आपको 1% ज्यादा का इंटरेस्ट मिलेगा। इस स्कीम पर मिलने वाले इंटरेस्ट पर TDS कटता है। अगर आपको 1 साल मे 40000 हजार रुपये से ज्यादा का Interest मिलता है तो इस TDS को बचाने के लिए आपको Form 15G व 15H बैंक मे जमा करना होगा।

नॉमिनी की सुबिधा-

Annuity Deposit Scheme मे नॉमिनी बनाने की भी सुबिधा है। आप किसी अपने को इस स्कीम के लिए नॉमिनी बना सकते हैं।

कैसे खुलवा सकते हैं?

Annuity Deposit Scheme को आप किसी भी बैंक मे खुलवा सकते हैं। अगर आपका खाता जैसे SBI मे है तो SBI की किसी भी ब्रांच मे जाकर आप इसे ऑफलाइन खुलवा सकते हैं या फिर अगर आप Net banking का उपयोग करते है तो इसे आप Online भी open कर सकते है।

आवश्यक डॉक्युमेंट्स?

इसको Open करवाने के लिए कुछ नॉर्मल डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ती है। जैसे आधार कार्ड, PAN Card और 2 पासपोर्ट साइज़ के फोटो। इसके अलावा एक फोरम भरकर बैंक मे देना होता है। आपका ये Account आसानी से बैंक मे Open हो जाता है। तो जैसा अभी हमने आपको बताया की हर महीने आपकी एक इंकम फिक्स हो जाती है जो की आपके सविंग account या किसी भी अकाउंट मे जमा होती रहेगी अगर आप इस स्कीम को लेते है तो।
इसमे हर महीने आपका मूलधन Reduce होता रहेगा। तो इस तरह से maturity पर आपको कुछ भी नहीं मिलेगा।

तो ये स्कीम उन लोगों के लिए अच्छी है जो हर महीने एक फिक्स इंकम की चाह रखते हैं। इसके अलावा एसे लोग जो retire हो गए है, उन्हे lum-sum मे अच्छा खासा Amount मिला हुआ है। तो वे लोग इस स्कीम मे पैसा लगा कर हर महीने होने वाले खर्चो जैसे उनके खुद के मेडिकल के खर्चे, और भी कई सारे खर्चे है उन्हे वे आसानी से चलाना चाहते हैं।

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