Retirement Planning

Retirement Planning: सोच-समझकर करें रिटायरमेंट की प्लानिंग (How to Secure Your Golden Years)

Retirement Planning :बुढ़ापे में आपको किसी पर बोझ न बनना पड़े इसके लिए रिटायमेंट प्लानिंग बहुत जरूरी है। आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि आपको रिटायरमेंट प्लानिंग क्यों करनी चाहिए ? किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? और कैसे रिटायरमेंट प्लान करनी चाहिए ?

हर व्यक्ति की काम करने की उम्र और क्षमता होती है, एक उम्र के बाद वह व्यक्ति छोटे-मोटे काम तो कर सकता है लेकिन पहले की तरह एक्टिव होकर और अपनी पूरी क्षमता के साथ अपना काम करने में असमर्थ हो जाता है। ऐसे में वह व्यक्ति सेवानिवृत्त यानी रिटायरमेंट के बारे में सोचता है।

रिटायरमेंट के बाद आप भले ही काम न करें लेकिन आपको जीवन को आगे चलाने के लिए पैसा तो चाहिए ही। Retirement का मतलब यह नहीं की आप अपने सपनों को त्याग दें बल्कि रिटायरमेंट का सुख उसमें है जो आप जीवन में करना चाहते थे, लेकिन उस वक्त आप काम करने की वजह से कर नहीं पाए।
ऐसे में आपको जरूरत है सही Retirement Planning की जो आपको अपने सभी उद्देश्यों को और सभी सपनों को प्राप्त करने में मदद कर सकें।

क्या होती है रिटायरमेंट प्लानिंग (What is Retirement Planning)?

आसान भाषा में कहें तो रिटायरमेंट प्लानिंग का मतलब है अपने आने वाले जीवन के लिए आज और अभी से खुद को तैयार करना।
रिटायरमेंट प्लानिंग और कुछ नहीं बल्कि रिटायरमेंट अपनी सेविंग को बढ़ाने के लिए सही तरीके से निवेश करने की एक प्रक्रिया है। इसके लिए अगर आप Income के Source को पहचान गए और खर्चों का अनुमान लगाना सीख गए , जो भी सविंग schemes हैं उनमे से सही Saving schemes को चुन लिया तो समझ लो आपने अपने लिए रिटायरमेंट की प्लानिंग सही से कर ली है।
रिटायरमेंट प्लानिंग के माध्यम से आप खुद को एक सुखद और Secure रिटायरमेंट की गारंटी दे सकते हैं।

क्यों करें रिटायरमेंट प्लान?

कुछ भी करने से पहले हम सबके मन में यह सवाल आता है कि यह रिटायरमेंट की प्लानिग क्यों करना है। तो आज हम आपको बताएंगे कि आपको अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग क्यों करनी चाहिए।

इमरजेंसी खर्चों के लिए:

वक़्त के साथ साथ जब उम्र उम्र बढ़ती जाती है तो उसी के साथ साथ व्यक्ति स्वाभिमानी भी होता जाता है और किसी पर भी निर्भर नहीं होना चाहता। ऐसे में आपके लिए बहुत जरूरी है कि आप अपना रिटायरमेंट प्लान अच्छे से करें ताकी आप बुढ़ापे में किसी पर बोझ ना बने।
सही तरीके से रिटायमेंट प्लान करने से आप इमरजेंसी फाइनेंसियल पोजीशन और मेडिकल expense के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहेंगे। इसलिए आपको सही रिटायरमेंट प्लान के साथ एक इमरजेंसी फंड जरूर बनाना चाहिए।

महंगाई से लड़ने के लिए (Inflation):

हर साल महंगाई बढ़ती है जिससे चीजें महंगी होती जाती है। जाहिर सी बात है जब तक आप रिटायर होंगे तब तक महंगाई और ज्यादा बढ़ जाएगी। आपको रिटायरमेंट प्लान इसलिए करना चाहिए ताकि आप Inflation को कंट्रोल कर सके।
यह जरूर देखें कि आपने जो रिटायरमेंट प्लान चुना है उसमें increasing sum assured विकल्प है या नहीं।

अपने परिवार के Goal को पूरा करने के लिए (Fulfil the Goals):

हर व्यक्ति अपने परिवार को सुख देने के लिए पूरी जिंदगी मेहनत करता है। ऐसे में आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए की आपके आराम करने के बाद भी आपके परिवार के लिए पैसे बने रहे।
अब जान लेते हैं की रिटायरमेंट प्लान करते वक्त किन चीजों का रखें ध्यान?

लाइफ एक्सपेंटेंसी

हाल ही के दिनों में हम सब स्वस्थ्य रहने के लिए अपने आहार को सही कर रहे हैं। जाहिर सी बात है कि आप अपने दादा-दादी की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहने वाले है। आप जितने लंबे समय तक जीवित रहेंगे, आपको उतने ही अधिक पैसों की जरूरत होगी।

सेवानिवृत्ति की उम्र

व्यक्ति की फितरत होती है काम करना, इसलिए जब आप काम कर सकते हैं आप काम करते हैं। अगर रिटायरमेंट को अच्छे तरीके से प्लान किया जाए तो आप दूसरों से बहुत पहले काम छोड़ सकते हैं और शेष जीवन आराम से व्यतीत कर सकते हैं।

मेडिकल खर्च

उम्र के साथ बीमारियां बढ़ती जाती है। ऐसे में आप पर बुढ़ापे में मेडिकल का खर्च बढ़ सकता है। इन खर्च में सबसे ज्यादा खर्चा दवाओं पर होता है। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा लिखे गए अलग अलग तरह की जाँचों पर होता है। अगर किसी होस्पिटल मे भर्ती हो गए है तो यह खर्चा और भी बड़ जाता है। ऐसी स्थिति में अगर आपने अपना रिटायमेंट प्लान किया है तो ज्यादा परेशानी नहीं आएगी।

कैसे रिटायरमेंट की प्लानिंग करनी चाहिए?

एक बजट बनाएं

रिटायमेंट प्लान करने से पहले आप यह बजट बनाएं की आपकी अभी की Income और Expense कितने है। आप यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि आपके पास बचत करने के लिए पैसे हो।
घर खर्च और खाने के अलावा आपको अपने बजट के हिस्से के रूप में अपने Retirement के सविंग को शामिल करना चाहिए ताकि आप हर महीने उसके लिए पैसे अलग से रख सकें। और आपका रिटायमेंट के बाद जीवन अच्छे से बीते।

ऑटोमैटिक फंड ट्रांसफर को करें सेट

अपने खाते और आपके रिटायमेंट खाते के बीच आप एक सेटटिंग जरूर कर लें कि हर महीने की उसी तारीख को कुछ पैसे अपने आप आपके रिटायमेंट खाते में जमा हो जाएं जिस Date को आपने चुना है। इस तरीके से आपको पैसों को खर्च करने की जोखिम भी नहीं रहेगी। इस बचाए हुये amount को आप एसी जगह इन्वेस्ट करें जहां से आपको बाद मे अच्छा खासा रिटर्न ब्याज सहित मिल सके।

कर्ज को करें कम

कोशिश करें की आप 65 साल की उम्र तक कर्ज मुक्त हो जाएं। आपने किसी भी प्रकार का कोई भी लोन लिया है, जैसे क्रेडिट कार्ड लोन, कार लोन, Home Loan, या फिर Education के लिए लिया गया लोन या फिर कोई और लोन, तो उसे 60 से 65 साल की उम्र तक खत्म कर दें। और टेंशन फ्री जिंदगी जीये।

कहाँ पर इन्वेस्ट करें?

इसके लिए आप अपनी उम्र के हिसाब से सही से पैसे इन्वेस्ट करें।
अगर आप कम उम्र मे ही रिटायमेंट प्लान करते है तो आप हाइ रिस्क वाले वाले म्यूचुअल फ़ंड प्लान चुन सकते हैं। जिनमे आपको रिटर्न भी अच्छा मिलेगा।
लेकिन अगर आप 100% सूरक्षित रिटायमेंट प्लान करना चाहते हैं तो आपको पोस्ट ऑफिस के MIS या फिर सीनियर सिटिज़न सेविंग स्कीम को चुनना चाहिए।
इसके अलावा आप नेशनल पेंशन स्कीम यानी NPS मे भी इन्वेस्ट कर सकते हैं।
ये सभी सरकारी स्कीम हैं, इनमे किया गया इनवेस्टमेंट 100% सूरक्षित होता है। इन सभी schemes मे इन्वेस्ट करने मे कोई भी रिस्क नही हैं। बस इन schemes मे आपको Mutual funds से कम रिटर्न मिलता है।
तो आज के समय में नौकरी के साथ ही रिटायरमेंट प्‍लानिंग करना बहुत जरूरी है, तभी आने वाले समय में आप अपने बुढ़ापे को सिक्‍योर कर सकते हैं.

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Atal Pension Yojana 2022 : जाने क्या बदलाव हुआ है अटल पेंशन योजना मे?

Atal Pension Yojana:अब अटल पेंशन योजना में सरकार ने बड़ा बदलाव किया है. ये बदलाव 1 Oct. 2022 से लागू हो गए हैं। वित्‍त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक अब इनकम टैक्‍सपेयर यानी आयकरदाता अब इस योजना (APY) में आवदेन नहीं कर सकते हैं।

Atal Pension Yojana (अटल पेंशन योजना) क्या है?

अटल पेंशन योजना या इसे शॉर्ट मे APY भी कहते हैं। ये एक सरकारी पेंशन स्कीम है, जिसमे निवेश करके आप अपना बुड़ापा सुरक्षित कर सकते हैं। यह योजना मोदी सरकार ने 2015-16 के बजट मे प्रस्थवित की थी।
यह स्कीम उन भारतीय नागरिकों लोगों के लिए है जो असंगठित क्षेत्र मे काम करते हैं। असगठित से मतलब ये है की कोई भी व्यक्ति जो प्राइवेट कंपनी एवं सरकारी नौकरी नहीं करता है जहां पर उसे कोई पेंशन दी जा रही है।

असंगठित क्षेत्र मे कौन कौन लोग आते हैं?

किराने की शॉप वाला है या फिर कोई किसान है, या फिर कोई भी दूध वाला, फल वाला, सब्जी वाला, ऑटो वाला है, श्रमिक व मजदूर है तो ये सब लोग असंगठित क्षेत्र मे आते है।

अटल पेंशन योजना स्कीम मे क्या बदलाव किए गए हैं?

पहले अटल पेंशन योजना को कोई भी अमीर या गरीब व्यक्ति या नोकरीपेशा वाला ले सकता था। चाहे वो TAX payer भी हो वो भी इस योजना को ले सकता था। लेकिन 1 October 2022 से इस स्कीम को वही व्यक्ति ले सकता है जो सरकार को टैक्स का भुगतान नहीं करता है। यानि कोई Tax payer व्यक्ति इस स्कीम का लाभ नहीं ले सकता है।
लेकिन जिन लोगों ने 1 October से पहले इस योजना को पहले से ही ले चुके हैं, उनके लिए इस योजना मे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। चाहे वो टैक्स भरने वाले हों या न हों।

अटल पेंशन योजना को कौन ले सकता है?

कोई भी भारतीय व्यक्ति जिसकी उम्र 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक की है वो इस स्कीम को कभी भी ले सकता है। उसके बाद इस स्कीम को 60 की उम्र तक जारी रख सकता है। इस योजना के लिए आपके पास आधार कार्ड और बैंक या पोस्ट ऑफिस का सेविंग अकाउंट होना चाहिए।

कौन नहीं ले सकता अटल पेंशन योजना को?

इस स्कीम को वो लोग नहीं ले सकते जो आयकर के दायरे मे आते है, सरकारी कर्मचारी हैं या फिर पहले से ही EPF या EPS जैसी योजना का लाभ ले रहे हैं। इसके अलावा NRI इस खाता को नहीं खोल सकते है।
चुकि यह स्कीम असंगठित क्षेत्र के लोगो के लिए है तो पैसे जमा करने को लेकर सरकार ने थोड़ी रियायत भी दी है। आप चाहें तो हर महीने या फिर हर तीन महीने या हर छह महीने पर आप निवेश की रकम जमा कर सकते हैं।

इस स्कीम के बेनिफ़िट के वारे मे

अटल पेंशन योजना की पहला बेनिफ़िट

इसमे पेंशन के Amount के विकल्प को आप खुद से ही चुन सकते हैं। आपकी Age पूरी होने पर यानि 60 वर्ष की उम्र हो जाने पर वही पेंशन Amount मिलना आपको सुरू हो जाती है।
तो ये पेंशन Amount आप 1000, 2000, 3000, 4000 और 5000 रु. तक की चुन सकते हैं। तो जो भी पेंशन का विकल्प आप चुनते हैं वो आपको life time तक के लिए मिलती रहती है। यानि जब तक आप जीवित हैं तब तक वो आपको मिलती रहती है।
दूसरा बेनिफ़िट
पेंशन आपको तो लाइफ टाइम के लिए मिलेगा ही लेकिन आपकी death के बाद ये पेंशन आपकी पत्नी या पती को भी लाइफ टाइम तक मिलती रहेगी। जब तक वो जीवित रहती है।
तीसरा बेनिफ़िट
पॉलिसी धारक की death के बाद उसकी पत्नी की भी death हो जाती है तो जो भी pensioner का नॉमिनी होगा, जिसे आपने अपना नॉमिनी बनाया होगा उसको 1 लाख 70 हजार रु. से लेकर 8 लाख 50 हजार रु. के बीच मे जो भी एकमुस्त Amount है उस नॉमिनी को दिया जाएगा, जिसको नॉमिनी बनाया गया है।

कम उम्र मे अधिक फायदा

आप जितनी जल्दी अटल पेंशन योजना से जुड़ेंगे उतना अधिक फायदा आपको मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति 18 वर्ष की उम्र मे इस योजना को लेता है, तो उसे हर महीने सिर्फ 210 रुपये का निवेश करना होगा। और रिटाइर होने के बाद 60 साल की उम्र मे उसे 5000 रु. महीने की पेंशन मिलने लगेगी।

Atal Pension Yojana
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प्रधानमंत्री वय वंदना योजना-2023 (Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana in Hindi) | PMVVY

Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana -आपको एक ऐसे स्कीम के वारे बताएँगे जिसमे न ही सिर्फ रिटर्न अच्छे मिलेंगे बल्कि हमारा रिटायरमेंट भी सिक्युर होगा। हमारी सरकार ने हमेशा से ही सीनियर सिटिज़न की आय को बड़ाबा दिया है। इसके लिए समय समय पर वो ऐसी स्कीम लाती रहती है जिससे उनके रिटायरमेंट के बाद एक रेगुलर इंकम सोर्स मिलता रहे।

तो हम आपको भारत सरकार की एक बहुत ही पोपुलर स्कीम के वारे मे विस्तार से बताएँगे तो वो है, प्रधान मंत्री वया वंदना योजना यानी PMVVY। ये योजना सीनियर सिटिज़न के लिए बहुत ही बेहतर स्कीम है।

प्रधान मंत्री वय बंदना योजना क्या है?

Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana सरकार द्वारा चलाई जा रही सीनियर सिटिज़न के लिए चलाई जाने वाली स्कीम है। इस स्कीम को सरकार ने 2017 मे सुरू की थी। इस स्कीम को LIC के द्वारा regulate किया जाता है। इसीलिए ये स्कीम काफी secure और safe भी है।

जब स्कीम को सुरू किया गया था तब ये स्कीम सिर्फ 31 मार्च 2020 तक ही लोगो के लिए थी। लेकिन अब इसका पीरियड 31 मार्च 2023 तक के लिए बड़ा दिया गया है। लेकिन जिस तरह से ये स्कीम लोगों मे पोपुलर हो रही है तो सायद इसे और भी आगे बड़ाया जा सकता है।

परिपक्वता अवधि (Maturity Period)?

प्रधान मंत्री वय बंदना योजना का Maturity Period है 10 वर्ष का। इसमे निवेश करने से लेकर 10 सालों तक एक Fix Income मिलती रहेगी। और 10 साल बाद निवेश किया हुआ पैसा भी बापस मिल जाता है।

Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana की ब्याज दर (Interest Rate of PMVVY)?

प्रधान मंत्री वय बंदना योजना मे अभी इंटरेस्ट रेट मिल रहा है 7.4% का। हालांकि जब इस स्कीम की सुरुयात हुई थी तब इसमे interest rate था 8% का। लेकिन इकॉनमी की गिरावट की वजह से इसका interest Rate कम हो कर 7.4% पर आ गया है।

इस योजना मे ब्याज को लेकर थोड़ी सी बातें और साफ कर देते हैं। अगर हम इसमे Monthly Pension को सिलैक्ट करते हैं। यानी हम चाहते हैं की हमे हर महीने पेंशन मिलती रहे तो इस पर हमे 7.4% का ब्याज मिलेगा। लेकिन वहीं पर इसे हम Annually Pension का विकल्प लेते हैं, यानि की हम चाहते हैं की हमे सालाना पेंशन मिलती रहे तो इस पर हमे 7.66% का ब्याज मिलेगा। तो इसमे हम अपने सुबिधा के अनुसार पेंशन का विकल्प चुन सकते हैं।

प्रधान मंत्री वय बंदना योजना मे टैक्स छुट की सुबिधा (TAX Benefits)?

तो आपको बता दें की इस स्कीम मे जो भी पेंशन मिलती है वो पूर्णरूप से Taxable होती है, लेकिन ये टैक्स पूर्ण रूप से हमारे टैक्स स्लैब पर depend करता है। अगर हमारी इंकम सालाना 5 लाख रुपए तक है तो इस पर हमे कोई भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

इस स्कीम मे कोई भी TDS भी नहीं कटता है। लेकिन जो इंटरेस्ट हमे इसमे मिलता है वो हमारे आय मे जुड़ जाता है और इंकम टैक्स स्लैब के अनुसार हमे टैक्स देना पड़ता है।

Pradhan Mantri Vaya Vandana Yojana लोन की सुबिधा (Loan Facility) ?

इस स्कीम मे इनवेस्टमेंट के हिसाब से लोन भी मिल जाता है। तो इस स्कीम मे हम जितना भी निवेश करते हैं उसका हमे 75% तक का लोन मिल जाता है।
जैसे मान लो हमने इस स्कीम मे 10 लाख रुपये निवेश किए हैं। तो इसका मतलब है 7.5 लाख रुपयों तक हमे लोन मिल सकता है।

पेंशन किस तरीके से और कितनी मिलती है। (Pension Caclulation) ?

इसमे हमे पेंशन के लिए 4 ऑप्शन मिलते हैं। एक है

  • मासिक (Monthly)
  • तिमाही (Quarterly)
  • छमाही (Half Yearly)
  • वार्षिक (Yearly)

तो इसमे से हम अपने सुबिधा के अनुसार विकल्प सिलैक्ट कर सकते हैं। लेकिन यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है की जो भी ऑप्शन हमने एक बार सिलैक्ट कर लिया है, उसको हम दुबारा से बदल नहीं कर पाएंगे।

जैसे हमने पहले महीने monthly option को सिलैक्ट किया है और एक दो साल के बाद हम चाहते हैं की हमे Yearly पेंशन मिले तो ये संभव नही होगा। इसलिए हमेशा पेंशन का ऑप्शन सोच समझ कर ही सिलैक्ट करना चाहिए। क्योकि इसी के अनुसार हमारा पेंशन Amount फ़ाइनल हो जाता है।

जैसे 1000 रु. की मासिक पेंशन 10 सालों तक चाहिए तो इसके लिए हमे 1,62,162 रु. जमा करने होंगे। और वहीं पर हमे 12000 रु. की वार्षिक पेंशन चाहिए तो इसके लिए हमे 1,56,658 रु. देने होंगे।
तो हमे जो भी Amount की पेंशन चाहिए उसके अनुसार हमे Investment एक ही बार मे करनी होगी।
इसमे हम अधिकतम 15 लाख रुपए तक का निवेश कर सकते हैं। इसका मतलब है की हमे अधिकतम 9250 की पेंशन मिल सकती है।

अभी आपको एक चार्ट दिखाई दे रहा है जिसमे देख सकते हैं की हमे जितनी भी पेंशन चाहिए उसके अनुसार हमे कितना नेवेश करना होगा।

Pradhan Mantri Vaya Vandana Pension Scheme 2022

जैसे मान लो हमे quarterly पेंशन चाहिए तो इसके लिए मिनिमम 3000 रु. की पेंशन ले सकते हैं। तो इसके लिए हमे 1,61,074 रु. जमा करने होंगे। और अधिकतम quarterly पेंशन 27,750 रु. लेने के लिए हमे 14,89,933 रु. जमा करने होंगे।

कौन निवेश कर सकता है (Eligibility)?

इस योजना मे कोई भी भारतीय जिसकी उम्र 60 या 60 साल से ज्यादा है वो इस स्कीम मे निवेश कर सकता है। क्योकि ये स्कीम बरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए सुरू की गई थी।

Joint Account की सुबिधा

इस स्कीम मे Joint Account की भी फैसिलिटी है। यानि अगर पति और पत्नी दोनों मिलकर इस अकाउंट को Open करते हैं तो दोनों मिलकर इसमे 15, 15 लाख रु. जमा कर सकते हैं। जिससे निवेश करने की लिमिट बड़ जाएगी यानी 30 लाख रु. तक हो जाएगी तो इस केश मे 9250 की मैक्सिमम monthly पेंशन अब 18,500 तक की हो जाएगी।

प्रधान मंत्री वाया वंदना योजना मे निवेश कैसे करें? (How to Investment)?

इस स्कीम मे हम दो तरीके से निवेश कर सकते हैं।
ऑनलाइन (Online) – यानी हम LIC के official वैबसाइट से निवेश कर सकते हैं।

ऑफलाइन (Offline)- ऑफलाइन निवेश करना चाहते हैं तो नजदीकी की LIC के ब्रांच मे जाकर निवेश कर सकते हैं या फिर किसी भी LIC के एजेंट के माध्यम से भी इसे खरीद कर सकते हैं।

Pre-Mature Withdrawal

बैसे तो इस योजना मे निवेश किया गया पैसा 10 सालों के लिए lock कर दिया जाता है। लेकिन कुछ कंडिशन मे हम Pre Mature Withdrawal कर सकते हैं जैसे अकाउंट होल्डर या फिर उनके पार्टनर को कोई गंभीर बीमारी हो जाती है तो इसमे से पैसे निकाले जा सकते हैं।
लेकिन यहाँ पर पूरा पैसा नही दिया जाता है। जमा किए गए पैसे पर हमे 2% की penalty लगती है। यानी कि हमे 98% amount ही वापस दिया जाता है।
इसी के साथ मे अगर अकाउंट होल्डर कि अचानक मृत्यु हो जाती है तो उनके नॉमिनी को पूरा पैसा ब्याज सहित लौटा दिया जाता है।

तो अगर आप अपना रिटाइरमेंट सुरक्षित करना चाहते हैं तो इसमे आप जरूर निवेश कर सकते हैं।
उम्मीद है प्रधान मंत्री वय वंदना योजना पूरी तरह से आपको समझ मे आ गई होगी ।

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कुसुम योजना

कुसुम योजना 2021: Kusum Yojana kya hai? | PM Kusum Scheme

आज जानेंगे सिचाई कार्य मे किसानों को आत्म-निर्भर बनाने के लिए सुरू की गई योजना कुसुम योजना। यानी किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महा अभियान के वारे मे। ये योजना किसानों की सिचाई समस्या का समाधान तो बनेगी ही, आमन्दनी बड़ाने का बेहतर विकल्प भी साबित होगी।
कुसुम यानीकि किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महा अभियान योजना का ऐलान केंद्र सरकार ने आम बजट 2018-19 मे किया था। देश के अलग अलग हिस्सों मे सिचाई सुबीधाओ के बाद भी खेत बिजली कटौती के चलते सूखे रह जाते हैं। ऐसे मे ये योजना दोहरी समस्याओं का हल साबित होगी।

योजना का उद्देश्य:

इस योजना का उदेश्य बिजली और सिचाई की समस्या से जूझ रहे किसानों को राहत देना है। बिजली संकट से जूझ रहे इलाकों को ध्यान मे रखते हुए देश भर मे सिचाई के लिए स्तेमाल होने वाले सभी पंपों को सोलर ऊर्जा से चलाने के लिए इस योजना की सुरुवात की गई है। इससे किसान के बिजली खर्च मे भी बचत होगी, और जो किसान Diesel से पम्प चलाते हैं उन्हे भी थोड़ी राहत मिलेगी, साथ ही समय पर फसलों की सिचाई भी संभव होगी।

क्या है कुसुम योजना:

कुसुम योजना के तहद केंद्र सरकार की ओर से किसानो को subsidy पर सोलर कृषी पम्प मुहाइया कराये जा रहे हैं। योजना के तहद गरीबों व जरूरत मंदों को कम मूल्य पर सोलर पम्प दिये जाएँगे, ताकि गरीब व छोटे वर्ग के किसानो को फायदा पहुँच सके। देश के ऐसे क्षेत्र जहां आज भी किसान की फसले वक्त पर सिचाई नहीं ले पाती और सिचाई न मिलने के चलते किसान की फसलें खराब हो जाती हैं। कुसुम योजना उन सभी किसानों के लिए संजीवनी का काम करेगी।

Kusum Yojana (Solar Pumps)
Solar Pumps

योजना के तहद मोजूदा कृषी पंपों को सौर ऊर्जा पम्प मे परिवर्तित किया जाएगा। किसानो को नए सोलर पम्प दिये जाएंगे। साथ ही खेती के लिए सोलर Tubewel भी मुहैया कराये जाएंगे।

कुसुम योजना से क्या लाभ मिलेगा:

कुसुम योजना के अंतर्गत 7.5 HP लोड तक के किसानो को इसमे सामिल किया गया है। ये किसान अपनी जमीन पर सोलर पैनल लगवा कर इससे बनाने वाली बिजली का उपयोग सिचाई पम्प चलाने के लिए और खेती के कामों के लिए कर सकते हैं।
इसके अलावा खर्च करने के बाद बची हुई बिजली यानि ज्यादा उत्पादन अगर बिजली का होगा तो इसे किसान ग्रिड को भी बेच सकते हैं। इससे उन्हे अतरिक्त आमन्दनी होगी। इससे किसान को तो फायदा होगा ही, देश के ऐसे गाँव जहां बिजली की भारी समस्या है, वहाँ अतरिक्त बिजली भी उपलब्ध होगी।

कहाँ पर सुरू कर सकते हैं व कितनी सब्सिडि मिलेगी कुसुम योजना मे:

इस योजना के तहद ऐसे किसानों के यहाँ सोलर पैनल लगवाए जाएंगे जिनके सिचाई पम्प डीजल से चलते हैं। इससे डीजल की खपत कम होगी, किसान के खेत मे लगने वाली लागत भी कम होगी और इस पर खर्च आयेगा वो आयेगा 1.40 लाख करोड़ रुपये का। योजना पर लागने वाले कुल खर्च मे 48 हजार करोड़ केंद्र सरकार और 48 हजार करोड़ रुपये देगी राज्य सरकार, इसके अलावा करीब 45 हजार करोड़ रुपये कृषि उपभोक्ताओ को लोन के रूप मे नावार्ड स्थानीय बंकों के माध्यम से finance करेगा। इस तरह कुल 90 फीसदी रकम का इंतजाम किया जाएगा। और बचा हुआ 10% वहन करना होगा किसान को।

केंद्र व राज्य सरकारो की ओर से किसानों को subsidy के रूप मे दी जाने वाली 60 फीसदी रकम सीधे किसानों के खातों मे ट्रान्सफर कर दी जाएगी। बेंक से जो लोन मिलेगा उसका भुगतान किसान उस आमन्दनी से करेगा जो उसे सोलर ऊर्जा बेचकर ग्रिड से मिलेगी।
लोन की अबाधि अधिकतम 7 साल इसमे रक्खी गई है। अभी तक 3.5 KV का सोलर फनेल लगवाने पर किसान को 10% की सब्सिडि मिलती थी, और उसको करीब 2.5 लाख रुपये अपने जेब से चुकाने पड़ते थे। लेकिन अब 3.5KV का सोलर पेनल लगवाने पर किसान को अब सिर्फ 40 हजार रुपये अपने जेब से भरने होंगे।

ये सोलर पेनल लगवाना ऐसे किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा जिनकी भूमि बंजर है और खेती के लायक नहीं है। सोलर पेनल लगवा कर ऐसे किसान बिजली ग्रिड को सप्लाइ कर सकते हैं या फिर जमीन को बिजली उत्पादन के उदेश्य से किराये पर भी देकर वो कमाई कर सकते हैं।

कितना फायदा होगा इस योजना से:

योजना के तहद अगर कोई डेवलपर किसान की जमीन पर सोलर पेनल लगवाना चाहता है तो उसे किसान को 30 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से किराया भरना होगा। इससे किसान को हर महीने 6600 रुपये की हर महीने आमंदनी होगी यानि साल का 80,000 रु. । और जमीन पर मालिकाना हक किसान का ही रहेगा। वो चाहे तो सोलर पेनल लगने के बाद भी अपनी जमीन पर छोटी मोटी खेती कर सकता है।

जिन इलाकों मे बिजली ग्रिड नहीं है वहाँ कुसुम योजना के पहले चरण मे किसानों को 17.5 लाख सोलर पम्प सेट दिये जाएँगे। और जिन जगहों पर बिजली ग्रिड मौजूद हैं वहाँ किसानों को 10 लाख पम्प सेट दिये जाने की प्लानिंग है। इस तरह पहले चरण मे देश भर मे 27.5 लाख सोलर पेनल लगवाए जाएंगे।
योजना के अगले चरण मे किसानों के खेतों के ऊपर या फिर खेतों के मेड़ों पर सोलर पेनल लगवाने की प्लानिंग है। और 10 हजार मेगा वाट की सोलर एनर्जि प्लांट किसान की बंजर भूमि पर लगवाए जाएंगे।

कुसुम योजना के जरिये सरकार देश के 3 करोड़ सिचाई पम्पो को सोलर एनर्जि से चलाने की प्लानिंग कर रही है। सरकार का कहना है की देश के सभी सिचाई पम्पो के लिए अगर सोलर एनर्जि का स्तेमाल किया जाता है तो बिजली की बचत तो होगी ही साथ ही सोलर फेनल से 28 मेगा वाट आतरिक्त बिजली का उत्पादन भी होगा।

कुसुम योजना के लिए कहाँ पर करें आवेदन

सोर्य ऊर्जा को बड़ावा मिलेगा और प्रदूषण कम होगा वो अलग। कुसुम योजना की ज्यादा जानकारी के लिए एक official वैबसाइट भी बनाई गई है www.mnre.gov.in जहां जाकर आप इस योजना की ज्यादा जानकारी प्रपट कर सकते हैं। अगर आप किसान हैं और अगर आप कुसुम योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो अपने नजदीकी कार्यालय मे जाकर संपर्क कर सकते हैं।
आशा है की किसान भाई इस योजना का लाभ जरूर उठाएंगे।

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अभी हाल ही मे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अगस्त को कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस भुगतान के नए टूल के रूप में ई-रुपी (e-RUPI) का शुभारंभ किया यानी E RUPI Digital payment Solution जारी किया गया है। इसके तहद भारत मे अब डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और अधिक मजबूती मिलेगी। इसके तहद अब ई – वाउचर की सुबिधा कुछ सेवाओं के लिए सीधे फोन पर QR कोड या SMS के जरिये मिलेगी।

यानी अब आपको सरकार जो भी सुबीधाए देगी उसके लिए अब वो आपको पैसे न देकर एक वाउचर देगी जो की QR Code या SMS के रूप मे होगा, आप इस वाउचर का उपयोग सिर्फ उसी सुभीधा के लिए कर सकते हैं जिस सुबिधा के लिए उसे Generate किया गया है।


Highlights:

  • क्या है ये e-RUPI?
  • कैसे काम करती है ये?
  • और कहाँ पर बनेगा ये।
  • क्या फायदे है इस E RUPI के ?

e-Rupi क्या है (What is e-RUPI)?

ये एक प्रकार का “एलेक्ट्रोनिक वाउचर बेस सिस्टम” (Electronic Voucher Base System) है। ये एक तरह का UPI का ही advance वर्शन हैं। इसको Develop किया है NPCI ने यानी (National Payment Corporation of India) ने। इसके अंतर्गत UPI, Rupey Card, BHIM इत्यादि भी आते है। इन सबको भी इसी NPCI ने ही Develop किए थे।

देश मे जो भी पैसों का लेनदेल Digitally रूप मे होता है उसको ये NPCI ही कंट्रोल करती है। UPI, Rupey card और भीम के अलावा अब ये e-Rupi भी इसी NPCI के अंतर्गत ही आती हैं, यही इनको कंट्रोल करता है इसीलिए NCPI को इन सभी सेवाओं का umbrella भी कहते हैं।

कैसे काम करता है e-RUPI (How Does e-RUPI Work)?

अभी हमने बताया था की सरकार समय समय पर कुछ सुभीधाओ का लाभ अलग अलग क्षेत्रों के लोगों को देती है। जैसे गरीब बच्चों को किताब खरीदने की सुबिधा, किसी संस्था को sanitizer या मास्क बाटने की सुबिधा, गर्भवती माताओ के लिए सुबिधा, जनधन के लिए सुबिधा, इसी तरह से और भी कई सुबीधाए हैं जिनके लिए सरकार पैसे देती है।

अभी किसानो के लिए सरकार किसान सम्मान निधि की सुबिधा दे रही है। इसमे किसान के खाते मे एक निश्चित पैसा सारकार समय समय पर डाल देती है। सरकार ये पैसा किसलिए डालती है जिससे किसान उस पैसे से खाद व बीज इत्यादि खरीद सके।

लेकिन अभी क्या होता है, जैसे ही लाभार्थी के खाते मे पैसा आता है वो उस पैसे से कुछ और अनावश्यक वस्तुएं खरीद लेता है। तो अभी ये पता ही नहीं चलता की दिया गया पैसा का क्या उपयोग हो रहा है। क्योकि अभी सरकार की सुबीधाओं का पैसा सीधे उनके खाते मे आ जाता है। उसे वो cash के रूप मे उपयोग कर लेते हैं।

तो अब सरकार ने ये e-Rupi सुबीधा देनी सुरू की है जिसमे अब वो आपको पैसे न देकर एक वाउचर देगी जो की QR Code या SMS के रूप मे होगा, आप इस वाउचर का उपयोग सिर्फ उसी सुबिधा के लिए कर सकते हैं जिस सुबिधा के लिए उसे Generate किया गया है।

जैसे अब किसान के मोबाइल पर QR कोड या SMS के रूप मे एक वाउचर आ जाएगा खाद व बीज खरीदने के लिए। अब अगर किसान चाहे की इस वाउचर का उपयोग कहीं और जगह किनही और वस्तुओं को खरीदने के लिए कर ले तो वो अब नहीं कर पाएगा, क्योकि वो वाउचर सिर्फ खाद या बीज के लिए ही Generate किया गया है। ये वाउचर किसी और काम के लिए अब use कर ही नहीं पाएंगे। इस तरह से सरकार की सुबिधा का पूरे पैसा का सही से सद-उपयोग अब हो पाएगा।

E RUPI बनेगा कैसे

ये e rupi को बैंक बनाएँगी। अभी करीब 8 banks मे e-Rupi बनाने की सुबिधा है। जिसमे SBI, HDFC, Axsis Bank, ICICI, Bank of Baroda, Indusind Bank, PNB और Canera bank इत्यादि मे ये सुबिधा है । आगे चलकर और भी पब्लिक, और प्राइवेट बैंक इससे जुड़ती जाएंगी।

मान लो किसी बच्चे को बहुत अच्छे मार्क्स आए है, अब सरकार उसे 10,000 रुपये की Scholarship देना चाहती है जिससे वह आगे की पड़ाई कर सके या फिर किताबे इत्यादि खरीद ले तो सरकार इन बैंक को बोलेगी की आप 10 हजार रुपये इस बच्चे के खाते मे डाल दो scholarship के रूप मे।

तो बैंक क्या करेगी ये 10 हजार रु. उसके मोबाइल मे QR Code और SMS के वाउचर के रूप मे ट्रान्सफर कर देगी। अब अगर बच्चा चाहे की इन 10 हजार मे से 5 हजार रु. हम किसी दूसरे काम मे स्तेमाल कर लें तो अब वो ऐसा नहीं कर पाएगा। क्योकि ये QR code इस तरह का होगा की कही और जगह स्तेमाल ही नहीं हो पाएगा। यानि अब आपको पूरा का पूरा 10 हजार रु. का स्तेमाल उसी काम के लिए करना होगा।

अब इस e-Rupi के लिए अब न तो इंटरनेट की जरूरत पड़ेगी और न ही स्मार्ट फोन की। अगर आपके पास नॉर्मल फोन भी है तब भी आप इस सेवा का लाभ ले सकते हैं।

e-Rupi के फायदे (Benefits of e-RUPI)

  • सरकार को अब ये पा चल जाया करेगा की की जिस लाभ के लिए particular व्यक्ती को पैसा दिया था उसका लाभ उसने लिया की नहीं लिया। यानी उसको ट्रैक किया जा सकता है।
  • दूसरा प्राइवसी, privacy बहुत है इस e rupi से, यानि जिस काम के लिए आपको वाउचर मिला है उस जगह पर आपको यह वाउचर दिखा देना है बस। न आप से नाम पूछा जा रहा है और न ही आपका एड्रैस।
  • E-RUPI से सिर्फ सरकारी ही नहीं गैर सरकारी संस्थाओ को भी लाभ शिक्षा के क्षेत्र मे मेडिकल के क्षेत्र मे मिलेगा।
  • ई रूपी (e Rupi) के जरिये सभी योजनाओ का क्रियान्वयन बिना किसी लीकेज के हो सकेगा।

तो बहुत अच्छा कदम है सरकार द्वारा e-Rupi की सेवा सुरू करना इससे अब पूरा का पूरा लाभ मिल सकेगा सरकारी सुबीधाओं का।

Video of e- RUPI

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LIC Kanyadan Policy

LIC Kanyadan Policy 2021-कन्यादान पॉलिसी

देश में एक कहावत है कि बेटी पैदा होते ही माता-पिता उसकी शादी के लिए पाई-पाई जोड़ना शुरू कर देते हैं. अगर आपके घर में भी कोई बेटी है और आपको उसकी शादी की चिंता सता रही है तो परेशान ना हों. आज हम आपको भारतीय जीवन बीमा निगम यानी की LIC की एक योजना के वारे मे बताऊंगा जो आपकी बेटी की कन्यादान के लिए मोटे फंड का इंतजाम करेगा. It is LIC Kanyadan Policy.

इस योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपनी बेटी की शादी के लिए इन्वेस्ट कर सकते है | यह प्लान 25 साल के लिए है | इस योजना के तहत लोगो को 121 रूपये प्रतिदिन बचा कर महीने के 3600 रूपये के प्रीमियम का भुगतान करना होगा लेकिन लोगो को प्रीमियम सिर्फ 22 साल तक ही देना होगा | इस एलआईसी कन्यादान पॉलिसी के 25 साल पूरे होने के बाद आपको 27 लाख रूपये दिए जायेगे |

तो क्या है ये LIC कन्यादान स्कीम आइये जानते हैं विस्तार से-

कन्यादान पॉलिसी स्कीम ये LIC की स्कीम है। इस प्लान को 13 साल से 25 साल तक के लिए ले सकते हैं। अगर कोई एलआईसी कन्यादान पॉलिसी स्कीम को लेता है तो पॉलिसी लेने के लिए पिता की उम्र 30 से 50 साल के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही, बेटी की न्यूनतम आयु कम से कम 1 साल की होनी चाहिए। बेसे तो यह स्कीम 25 साल के लिए रहती है। लेकिन यह कन्यादान पॉलिसी आपकी और आपकी बेटी की अलग-अलग आयु के हिसाब से भी मिल सकती है। बेटी की आयु के हिसाब से इस पॉलिसी की समय सीमा घटा दी जाएगी।

LIC Kanyadan Policy – कितनी प्रीमियम भरनी पड़ेगी

यह Policy 25 साल के लिए है। इस योजना के तहत अगर आप 121 रुपये रोजाना बचाकर महीने के 3600 रुपये के प्रीमियम का भुगतान करते हैं तो आपको यह प्रीमियम सिर्फ 22 साल तक ही देना होगा। यानी पूरे 25 सालों तक आपको इसकी प्रीमियम जमा नही करनी हैं। आपको सिर्फ 22 साल तक ही इस स्कीम मे प्रीमियम जमा करनी होगी। और पॉलिसी के 25 साल पूरे होने के बाद आपको मेचूरिटि पर 27 लाख रुपये मिलेंगे।

लेकिन LIC Kanyadan पॉलिसी के अंतर्गत जो भी व्यक्ति इस पॉलिसी को लेता है तो वह अपनी आय के हिसाब से भी प्रीमियम की राशि घटा या बढ़ा सकता है।

जैसे यदि कोई व्यक्ति 75 रुपये रोजाना के जमा करता है, तो उसे मासिक प्रीमियम देने के 25 साल बाद बेटी के विवाह के समय 14 लाख रुपये मिलेंगे।

अगर कोई व्यक्ति 251 रुपये रोज बचाता है, तो उसे मासिक प्रीमियम देने के 25 साल बाद 51 लाख रुपये मिलेंगे।

तो जरूरी नही की आप 121 रुपये प्रतिदिन दिन से यानी महीने के 3600 रुपये जमा करें। यदि आप इससे ज्यादा जमा कर सकते हैं तो आप ज्यादा जमा करें। यदि आप ₹121 नहीं जमा कर सकते तो इससे कम प्रीमियम वाला प्लान भी ले सकते है।

प्रीमियम का भुगतान कैसे और कब करना होगा?

तो आप इस LIC Kanyadan Policy योजना के अंतर्गत प्रीमियम का भुगतान अपनी सहूलियत के हिसाब से कर सकते हैं। आप चाहे तो प्रीमियम का भुगतान रोज कर सकते हैं या फिर 6 महीने में या 3 महीने में या फिर 1 महीने में। जैसे भी आपको ठीक लगे आप वैसे प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं।

इस पॉलिसी को लेने के लाभ क्या हैं?

तो पहला लाभ तो यह है की इस पॉलिसी के अंतर्गत बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को तुरंत 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। उसके परिवार को इस पॉलिसी में प्रीमियम का भुगतान भी नहीं करना होगा | तथा उसके परिवार को हर साल एलआई सी कम्पनी द्वारा, 1 लाख रूपये दिए जायेगे और पॉलिसी के 25 साल पूरे होने के बाद पॉलिसी के नॉमिनी को अलग से 27 लाख रूपये प्रदान किये जायेगे। योजना के दौरान पालिसीधारक को मिलनेवाला मृत्यु लाभ वार्षिक किस्त के रूप में दिया जाता है, जो पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद उसके परिवार की वित्तीय जरूरतों को पूरा करता है।

इस योजना में आपको हर साल एलआईसी द्वारा घोषित किए गए बोनस का लाभ भी मिलता है।
और यदि बीमाधारक की मृत्यु किसी एक्सीडेंट में होती है, तो उसके परिवार को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह एलआईसी कन्यादान पॉलिसी हर साल अपने पूरे जीवन काल तक शादी करने के बाद भी भुगतान करती रहती है। यदि बीमाधारक की मृत्यु 25 वर्ष की अवधि के बीच होती है, तो मूल बीमा राशि का 10 फीसदी मृत्यु के वर्ष से हर साल मेचूरिटि की तारीख तक दिए जाएंगे।

कन्यादान पॉलिसी के कुछ अतिरिक्त लाभ-

यदि पॉलिसी धारक पॉलिसी आरंभ होने के 12 महीने के अंदर आत्महत्या कर लेता है तो उसे इस पॉलिसी का कोई लाभ नहीं प्रदान किया जाएगा।

पॉलिसी धारक को 15 दिन का फ्री लुक पीरियड, पॉलिसी शुरू होने की तारीख से प्रदान किया जाता है। यदि पॉलिसीधारक पॉलिसी की किसी भी नियम व शर्तों से संतुष्ट नहीं है तो वह पॉलिसी से बाहर निकल सकता है।

इस पॉलिसी के अंतर्गत 30 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है अगर आप प्रीमियम का भुगतान वार्षिक या त्रैमासिक भुगतान करते हैं तो मासिक भुगतान की स्थिति में 15 दिन का ग्रेस पीरियड प्रदान किया जाता है। ग्रेस पीरियड के दौरान पॉलिसी धारक से कोई भी लेट फीस की वसूली नहीं की जाती है। यदि पॉलिसी धारक ग्रेस पीरियड की एक्सपायरी डेट से पहले प्रीमियम का भुगतान नहीं करता है तो उसकी पॉलिसी टर्मिनेट कर दी जाएगी।

अगर कोई पॉलिसी धारक इस LIC Kanyadan Policy को सरेंडर करना चाहता है तो कम से कम इसमे 3 वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान करना होगा तभी इस योजना के अंतर्गत पॉलिसी सरेंडर करने की अनुमति प्रदान की जाती है। मतलब कम से कम 3 वर्ष तक तो इसे चालू रखना ही पड़ेगा।

LIC Kanyadan Policy – आयकर लाभ

LIC Kanyadan के अंतर्गत इनकम टैक्स अधिनियम 1961 के सेक्शन 80C के तहद प्रीमियम पर, अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपए तक की छूट प्राप्त की जा सकती हैं। यह छूट इसी के साथ सेक्शन 10(10D) के अंतर्गत मैच्योरिटी या मृत्यु क्लेम की राशि पर भी छूट प्रदान की जाती है।

LIC Kanyadan Policy – के लिए आवेदन कैसे करे?

जो इच्छुक लाभार्थी इस पॉलिसी के अंतर्गत आवदेन करना चाहते है तो आपको अपने नज़दीकी LIC ऑफिस /LIC एजेंट से संपर्क कर सकते है और आपको वहाँ जाकर बताना होगा कि आप एलआई सी कन्यादान पालिसी में इन्वेस्ट करना चाहते है | तब वह आपको LIC कन्यादान पालिसी के टर्म बताएगा आपको अपनी इनकम के अनुसार उसे चुनना होगा फिर LIC एजेंट को आपको अपनी सभी जानकारी और अपने दस्तावेज़ देने होंगे इसके बाद वह आपका फॉर्म भर देंगे | इस तरह आप एलआईसीकन्यादान पॉलिसी योजना 2021 से जुड़ सकते है| | योजना से जुड़ी और अधिक जानकारी पाने के लिए आप LIC की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर देख सकते है |

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Tax Rebate

Tax Rebate- जानिये उन Rebate के वारे मे जिनसे बचा सकते हैं टैक्स.

सीमित आमदनी में परिवार चलाना बहुत मुश्किल काम है. इस वजह से ज़्यादातर लोग इनकम टैक्स बचाने (TAX Rebate) की कोशिश करते रहते हैं

खुद Income Tax रिटर्न फ़ाइल करते समय मन मे यह सवाल होता है कि टैक्स कैसे वचाया जाये ? ज़्यादातर लोगों को होम लोन, मकान का किराया और कुछ अन्य निवेश पर मिलने वाली छुट कि मोटी मोटी जानकारी तो होती है, लेकिन यह नहीं पता होता कि कुल कितनी तरह कि छुट(Tax Rebate) का लाभ ले सकते हैं?

हम आपको बता दें कि हमे आयकर मे 7 प्रमुख छुट मिल सकतीं हैं जिनका लाभ हम इन come tax रिटर्न फ़ाइल करते वक्त ले सकते हैं। जिनमे एक है।

पैसे से पैसा बनाने के 10 टिप्स [How do I invest Money to make Money]

Tax Rebate- धारा80 C

इस धारा के तहद करदाता अपनी कुल करयोग्य आय को 1.50 लाख रुपये तक घाटा सकता है। इस धारा की कटौती का लाभ कई तरह के निवेश विकल्पों मे निवेश करके लिया जा सकता है। जैसे

  • अपने नाम से ईपीएफ़,
  • होम लोन के मूलधन का भुगतान,
  • नए मकान की खरीद पर चुकाई गई Stamp Duty,
  • सुकन्या समृद्धि योजना,
  • टैक्स सविंग म्यूचुअल फ़ंड,
  • टैक्स सविंग एफ़डी या बॉन्ड आते हैं।

इसके अतिरिक्त अपने स्वयं के या जीवनसाथी के या बच्चों के नाम पर जीवन बीमा प्रीमियम,
पीएफ़ या ULIP मे निवेश करने पर भी इस धारा मे कटौती मिलती है।
अधिकतम दो बच्चों को स्कूल या कॉलेज की ट्यूशन फीस का भुगतान करने पर भी इस धारा मे कटौती ली जा सकती है।

धारा 80सीसीडी (1बी)

इस धारा के तहत नेशनल पेंशन योजना (NPS) मे निवेश करने पर अधिकतम 50,000 रुपये की कटौती (Tax Rebate) मिलती है। इस तरह 80C एवं 80CCD(1बी) मिला कर अधिकतम 2 लाख रुपये तक की कटौती मिल सकती है।

Tax Rebate- धारा 80डी

धारा 80 D के तहत स्वयं के लिए या जीवन साथी के लिए इसके अलावा आप पर आश्रित बच्चों के , उच्च शिक्षा के लिए चकाए गए मेडिकल बीमा प्रीमियम के लिए अधिकतम 25,000 रुपये की कटौती मिलती है। और आपके माता-पिता के लिए चकाए गए मेडिकल बीमा प्रीमियम के लिए अधिकतम 25,000 रुपए की अतिरिक्त कटौती (Tax Rebate) मिलती है।
यदि माता-पिता की आयु 60 वर्ष से अधिक है तो कटौती 25,000 से बढ़ कर पर अधिकतम 50,000 हो जाती है।

एक बात ध्यान रखें कटौती तभी मिलती है जब प्रीमियम का भुगतान नकद न किया हो।
इस धारा में उपरोक्त लिमिट को ध्यान मे रखते हुए 5000 रुपए तक की प्रिवेटिव हेल्थ चेक अप की भी कटौती मिलती है।

धारा 80 DD

इस धारा के अंतर्गत यदि किसी करदाता पर कोई दिव्याङ्ग (Handicap) आश्रित है इसके लिए उसका जीवनसाथी हो सकता है, उसके बच्चे हो सकते हैं, या उसके माता-पिता व भाई बहन हो सकते हैं। तो उनके इलाज और पालन-पोषण पर हुए खर्च पर 75000 रुपये तक की कटौती का प्रावधान है। और अगर इन सभी मे से किसी की गंभीर बिकलांगता है तब करदाता 125,000 रुपये तक की कटौती का लाभ ( Tax Rebate ले सकता हैं।

धारा 80 DDB

इस धारा के तहद कुछ खास व गंभीर बीमारियाँ के इलाज के खर्च पर ही छुट ली जा सकती है।
जैसे कैंसर होने पर , एड्स होने पर, किडनी फ़ेल होने पर, हीमोफोलिया की बीमारी पर, थेलेसेमिया की बीमारी पर ।

इसके अलावा कुछ और भी बीमारियाँ है लेकिन इनमे गड़बड़ी का स्तर 40 फीसदी या इससे अधिक होना चाहिए। तो वो बीमारियाँ हैं-
डिमेंशिया, डिस्टोनिया मसक्यूलोरम डिफॉर्मेंस, मोटर न्यूरॉन डिजीज, एटैक्सिया, खोरिया, हेमीबैलिसमस, एफेसिया, पार्किंसन इत्यादि।
अब जान लेते है की कितनी कटौती तक ली जा सकती है?
छुट की रकम व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करती है. यदि खर्च 60 साल से कम के व्यक्ति पर किया जा रहा है तो 40,000 रुपये तक का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं।

यदि बीमार व्यक्ति की उम्र 60 साल से ज्यादा है तो एक लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।

सेक्शन 80E:

बच्चों के एजुकेशन लोन पर आयकर कानून के सेक्शन 80E के तहत TAX मे छूट मिलेगी. आयकर की धारा 80E के तहत उच्च शिक्षा हेतु लिए कर्ज पर चुकाए गए ब्याज पर भी TAX छूट मिलती है.
एजुकेशन लोन किसी भी पाठ्यक्रम के लिए लिया जा सकता है. पति, पत्नी या बच्चे के एजुकेशन लोन पर यह छूट मिलती है. तो उच्च शिक्षा के लिए छुट आप धारा 80E के तहद ले सकते है।

पैसे से पैसा बनाने के 10 टिप्स [How do I invest Money to make Money]

सेक्शन 80G :

चैरिटेबल ट्रस्ट या मंदिर को दान
कुछ लोग सामाजिक कल्याण से जुड़े चैरिटेबल ट्रस्ट को दान देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो अपनी आय के 10 फीसदी हिस्से तक पर आयकर कानून के सेक्शन 80G के तहत टैक्स छूट ले सकते हैं.

यह टैक्स छूट इस बात पर निर्भर करेगी कि आप किस संस्था को दान कर रहे हैं. संस्था के अनुरूप ही दान की गई राशि पर 50 फीसदी या 100 फीसदी टैक्स छूट मिलेगी. इसके लिए आप दान करने के बाद संस्थान से रसीद लें और आयकर छूट का सर्टिफिकेट भी लें.

धारा 80 GG

काफी लोग होम लोन पर टैक्स बेनिफिट के बारे में तो जानते हैं| जैसा अभी हमने बताया था की मूल भुगतान (principal repayment) के लिए धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है|
अब घर लेना तो सबके बस की बात नहीं| आपको पता है आजकल मकानों के दाम आसमान छू रहे हैं| इसीलिए हम में से काफी लोग किराये पर भी रहते हैं|

तो अच्छी बात यह है की किराए पर रहने पर भी आपको कुछ टैक्स बेनिफिट मिलते हैं| इसका मतलब अगर आप किराए पर रहते हैं, तो दिए गए किराए पर कुछ टैक्स बेनिफिट पा सकते हैं|
इस धारा मे किराए के घर के भुगतान पर अधिकतम 60,000 रुपये तक की कटौती का लाभ ले सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको HRA नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए आपका स्वयं का या जीवन साथी का या बच्चों का उस सहर मे मकान नहीं होना चाहिए, जहां आप नौकरी कर रहे हैं।

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Floating Rate Saving Bond 2021- फ्लोटिंग रेट सविंग बॉन्ड

मै आपको बताऊंगा एक ऐसी सविंग स्कीम के वारे जिसे भारत सरकार ने एक जुलाई से सुरू कर दी है। वो स्कीम है Floating Rate Saving Bond – फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड स्कीम। पहले इस स्कीम का नाम RBI Saving Bond था इसे 28 मई 2020 को बंद कर दिया गया था।

जो लोग RBI bond के वारे मे नहीं जानते है उनके लिए बता दे की बॉन्ड शब्द से आप कन्फ्युज न हों। बॉन्ड शब्द केबल एक टेक्निकल word है। आप इसे RBI द्वारा की जाने वाली एक FD के रूप मे ही समझ सकते हैं। जब आप कोई पैसा इन्वेस्ट कर रहे हैं तो आप बैंक को वो पैसा नहीं दे रहे। हालांकि वो पैसा जा जरूर रहा है किसी बैंक के माध्यम से जैसे एसबीआई बैंक के माध्यम से या HDFC बैंक इत्यादि के माध्यम से परंतु डाइरैक्ट वो पैसा आरबीआई मे जा रहा है। आपका पैसा RBI के पास सुरक्षित है। आपका पैसा 100% Safe है।

तो अब Floating Rate Saving Bond जिसे हम सॉर्ट मे FRSB बॉन्ड्स भी कह सकते हैं। इससे लोगों को अब सुरक्षित निवेश करने का अवसर मिलेगा.

आजकल भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई में अधिकतम 5 या 6 फीसदी के आसपास ही ब्याज मिल रहा है। ऐसे में उससे भी ज्यादा ब्याज पाने का मौका अब आपको इस सविंग बॉन्ड से मिल पाएगा।

तो आइए अब जानते हैं 1 जुलाई से सुरू हुए FRSB बॉन्ड्स के फीचर्स के बारे में विस्तार से …

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कौन खरीद सकता है FRSB

देश में रहने वाला कोई भी भारतीय नागरिक और एचयूएफ इसमें अपना पैसा invest कर सकता है। लेकिन कोई एनआरआई इस बांड मे पैसा इन्वेस्ट नहीं कर सकता।

कितना कर सकते हैं निवेश

अब जान लेते हैं कि Floating Rate Saving Bond – फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड मे हम मिनिमम और मैक्सिमम कितना इनवेस्टमेंट कर सकते हैं। तो इस बॉन्ड में मिनिमम इन्वेस्टमेंट अमाउंट 1000 रुपये है. यानि आप 1000 रुपये के गुणांक मे इसमे निवेश कर सकते हैं। इसमे मैक्सिमम निवेश कि एसी कोई लिमिट नहीं है कितना भी Amount हम इस सविंग बॉन्ड मे निवेश कर सकते हैं.

अगर फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड मे निवेश कैश यानि नकद से कर रहे हैं तब इसमे अधिकतम 20 हजार रुपये का तक ही निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा ड्राफ्ट, चेक और इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड से भी इस स्कीम मे निवेश कर सकते हैं।

Floating Rate Saving Bond पर कितना ब्याज मिलेगा

तो इस वक्त फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड पर भारत सरकार 7.15 फीसदी का इंटरेस्ट दे रही है। लेकिन यह फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड है, यानी इनका ब्याज हर 6 माह पर बदल सकता है।

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सरकार 1 जनवरी और 1 जुलाई को इन ब्याज दरों की समीक्षाा के बाद इसे लागू करेगी। फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड का ब्याज दरअसल नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी एनएससी की ब्याज दर से जुड़ा होगा। यानी यह ब्याज हरदम एनएससी रेट से 35 बेसिस प्वाइंट अधिक रहेगा। जैसे अभी NSC पर हमे 6.8% का इंटरेस्ट मिलता है। तो फ्लोटिंग रेट सविंग बॉन्ड पर 35 पॉइंट ज्यादा यानि 7.15% का इंटरेस्ट मिलेगा इस बांड पर अब 1 जनवरी 2021 को NSC के ब्याज दरों के हिसाब से फिर से बदला जाएगा। यानि NSC से 35 बेसिस पॉइंट ज्यादा ही रहेगा इसका इंटरेस्ट।

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हर 6 महीने पर दिया जाएगा ब्याज

Floating Rate Saving Bond का ब्याज हर 6 माह पर निवेशक के बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। यह जो ब्याज है ये हर वर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को दिया जाएगा। जो की आपके संबन्धित सविंग अकाउंट मे ट्रान्सफर कर दिया जाएगा। लेकिन आपको बता दें कि इस फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड पर मिलने वाले ब्याज पर आपको टैक्स देना होगा। इस बांड पर मिलने वाले ब्याज से होने वाली कमाई पर नियमानुसार इनकम टैक्स देना होगा।

यानी अगर आपकी इस ब्याज के साथ कुल कमाई टैक्स देने लायक होगी तो इस पर टैक्स देना होगा, नहीं तो टैक्स नहीं देना होगा। इस बांड के ब्‍याज पर टीडीएस लगेगा, लेकिन योग्‍य निवेशकों के पास 15जी/एच जमा कराने का विकल्‍प होगा।

फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड कैसे खरीदें

Floating Rate Saving Bond को किसी भी सरकारी बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या बैंक ऑफ इंडिया इत्यादि से खरीदा जा सकता है। इनके अलावा आईडीबीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक से भी इसे खरीद सकते हैं। यह बांड केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप में ही जारी किए जाएंगे। फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड खरीदते ही यह निवेशक के बांड उसके अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएंगे।

फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड के अगेन्स्ट मे हम loan नहीं ले सकते हैं।

इसके अलावा ये Account Transferable भी नहीं है। आप फ्लोटिंग रेट सविंग बॉन्ड को किसी को ट्रान्सफर नहीं कर सकते, गिफ्ट नहीं कर सकते। सिर्फ account होल्डर की डेथ हो जाने पर ही इसके पैसे को नॉमिनी को ट्रान्सफर कर सकते है।

State Bank of India (SBI) Recurring Deposits (RD) Account

प्रीमैच्योर की सुबिधा

जैसा अभी हमने आपको बताया था की normal लोगो के लिए इसमे 7 वर्ष से पहले पैसा निकालने की सुबिधा नहीं है। सिर्फ अकाउंट होल्डर की डेथ हो जाने पर ही इसमे से पैसे को प्रीमैच्योर करवा सकते हैं। लेकिन बरिष्ठ नागरिकों के लिए यानि सीनियर सिटिज़नस के लिए इसमे प्रीमैच्योर की सुबिधा Category Wise हो सकती है। जिससे वो समय से पहले इसमे से पैसा निकाल सकते हैं। तो वो कैटेगरी हैं-

जिनकी उम्र 60 से 70 साल तक की है उनके लिए इसका Lock in period 6 वर्ष है। वो 6 साल बाद ही इसमे से पैसे को निकाल सकते हैं। अगर वो चाहे तो 7 वर्ष तक Continue रख सकते है इस Bond को।

इसी तरह से जिनकी उम्र 70 से 80 वर्ष की है उनके लिए इसका lock in period 5 वर्ष का रहेगा। और जिनकी उम्र 80 साल या इससे ऊपर की है उनके लिए इसका lock in period 4 वर्ष का होगा।

अगर ये लोग चाहें तो इसको 7 साल तक के लिए continue रख सकते हैं।

तो जिन लोगों को हर 6 महीने बाद एक Particular Income चाहिए। वो चाहते हैं सविंग अकाउंट मे कुछ रकम हर 6 माह बाद आ जाये तो ये Floating Rate Saving Bond स्कीम उनके लिए बहुत अच्छी है। ये सुबिधा उन्हे न तो PPF मे मिलेगी और न ही NSC मे मिलेगी। इसमे हमे सिर्फ TAX बेनीफिट नहीं मिलता है। अगर Tax बेनीफिट के लिहाज से देखें तो NSC स्कीम बहुत अच्छी है। क्योकि NSC मे एक तो मेचूरिटि पीरियड 5 वर्ष का होता है और दूसरा इसमे हमे Under Sec. 80c के तहद TAX छुट का लाभ भी मिल जाता है।

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प्रधानमत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना 2021 | Pradhan Mantri Awas Yojana 2021

Pradhan Mantri Awas Yojana: हर किसी परिवार का जो किराये की ज़िदगी गुजर भसर कर रहा है उसका जिंदगी मे एक ही सपना होता है की खुद के पास भी एक अपना पक्का घर हो। कब तक किराये के घर मे ज़िंदगी भर रहते रहेंगे। तो आपको एसी ही एक स्कीम के वारे मे बताना चाहूँगा जिससे आप अपना खुद का घर ले सकें जिससे आपका सपना पूरा हो जाए। तो वो योजना है “प्रधान मंत्री आवास योजना” ये Central Government की एक Scheme है, जिसका मकसद है की 2022 तक सबके पास अपना पक्का घर हो।

तो इस योजना के वारे मे आप जानेगे –

  • प्रधान मंत्री आवास योजना क्या है ?
  • इसके लिए आवश्यक पात्रता क्या होनी चाहिए?
  • इस योजना को लेने के बेनीफिट यानि लाभ क्या है?
  • कैसे इस योजना को ले सकते है?

Pradhan Mantri Awas Yojana की पात्रता क्या है?

प्रधान मंत्री आवास योजना के लिए निम्न कंडिशन्स को फॉलो करना होगा-

पहली सर्त है, आवेदक की उम्र

आवेदक की उम्र 21 वर्ष से लेकर 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए

दूसरी है आवेदक की आय यानि उसकी Income Category के आधार पर

आवेदक की income, Salary से हो सकती है, Business से हो सकती है या Professional हो सकती है। तीनों कैटेगरी के लोगों के लिए ये योजना लागू है। अगर आप पीएम आवास योजना के अंतरगत घर लेना चाहते हैं तो सबसे पहले ये देखें कि आप किस आयवर्ग में आते हैं।
आवेदक के इंकम को 4 कैटेगरी मे बाटा गया है

1 EWS (Economically Weaker Section)
2 LIG (Lower Income Group)
3 MIG1 (Medium Income Group-1)
4 और MIG 2 (Medium Income Group-2)

तीसरी सर्त है, पहले से नहीं होना चाहिए कोई पक्का मकान

पीएम आवास योजना का उद्देश्य है कि सभी को पक्का मकान मिले। हां इस योजना की कुछ शर्तें जरूर हैं जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। सबसे पहले तो ऐसे लोग जिनके पास पहले से घर है वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना का नियम है कि लाभ उसे ही मिलेगा जिसके पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होगा।

चौथी सर्त है, पहले से सरकारी योजना के तहद आवास न हो

परिवार के किसी सदस्य को भारत सरकार की किसी योजना के तहत आवास योजना का लाभ ना मिला हो। यदि परिवार में किसी सदस्य को सरकारी योजना के तहत आवास का लाभ मिला है उसके किसी अन्य सदस्य को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सकता है।

पाँचवी सर्त है, आवेदक के पास आधार कार्ड का होना जरूरी

इस योजना के लिए आवेदन के वक्त अविभाजित परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड का नंबर देना जरूरी है। इसमें पति-पत्नी, और अविवाहित बेटे और बेटी शामिल हैं। शादी के बाद बेटा या बेटी इस योजना के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं।

छटवी सर्त है, परिवार मे “महिला मुखिया का” होना आवश्यक

EWS और LIG की श्रेणी मे आने वाले लोग अगर आवास लेना चाहते है तो उसमे महिला की ओवनेरशिप यानि महिला मुखिया का होना जरूरी है लेकिन अगर वो पहले से बने हुए मकान मे कोई कन्स्ट्रकशन कराना चाहते हैं या कोई extension करवाना चाहते है जैसे बने हुए मकान मे कोई नया कमरा बनवाना या टॉइलेट और बाथरूम बनवाना इत्यादि तब उस स्थिति मे महिला मुखिया का होना आवश्यक नहीं है।
तो अगर आप इन सभी सर्तों को पूरा करते है तब आप इस योजना के लिए पात्र हैं।

अब जानते हैं प्रधान मंत्री योजना के तहद कितनी सब्सिडी देगी सरकार?

सब्सिडि से पहले हम यह जान लेते हैं की कितना Amount इस योजना से loan के रूप मे ले सकते हैं और कितनी अबाधि के लिए ले सकते हैं ?
तो बता दे ज्यादा से ज्यादा इस लोन को 20 वर्ष तक के लिए ले सकते हैं। और लोन का amount भी आप कितना भी ले सकते है चाहे आप 10 लाख रुपए ले या 1 करोड़ लेकिन आपको सब्सिडि सिर्फ 2 लाख 67 हजार रुपए की ही मिलेगी वो भी कैटेगरी के अनुसार
तो जैसा अभी हमने आपको ऊपर बताया था की Income को 4 कैटेगरी मे बाटा गया है
पहली है

EWS category (Economically Weaker Section):

ये वो लोग है जिनकी घरेलू income साल की 3 लाख से कम है। इस income मे आपके पार्टनर की भी Income सम्मलित है।
इस कैटेगरी मे आपको लोन पर 6.5% की सब्सिडि मिलेगी। लोन चाहे आप 8% पर लें या 9% पर ले। लेकिन सरकार आपको इस पर 6.5% की सब्सिडि देगी।
अगर आप होम लोन 8.5% पर लेते है तब आपको 2% पर ये लोन पड़ेगा।
इसमे एक सर्त है, की आप लोन चाहे जीतने का लें परंतु इस कटेगरी मे आपको 6 लाख रुपए तक पर ही 6.5% सब्सिडि की मिलेगी।
जैसे मानलों आप 10 लाख रु. लोन के रूप मे 8.5% इंटरेस्ट पर लेते है लेते है तब यहाँ पर 6 लाख पर तो आपका 6.5% Interest लगेगा और बाँकी की रकम पर 8.5% का इंटरेस्ट लगेगा।
इस कटेगरी मे लगभग 2.67लाख रुपए तक की सब्सिडि का लाभ मिलता है।

दूसरी कैटेगरी है-

LIG (Lower Income Group)

ये वो लोग है जिनकी सालाना income 3 से 6 लाख के बीच होती है। तो इस कैटेगरी के लोगों भी चाहे जितने Amount का लोन लें पर इनको भी सब्सिडि का फायदा 6लाख रुपये तक के Amount के लिए 6.5% के इंटरेस्ट से मिलेगा।

लेकिन एक कंडिशन है की इस कैटेगरी के लोग 645 Squair फीट तक का घर ले सकते हैं। और दूसरी कंडिशन है की अगर आप इन दो कैटेगरी (EWS और LIG) मे आते है तो जरूरी है की इस घर की मुखिया(Owner) या सह मुखिया (Co-ओनर) कोई महिला हो। सिर्फ पुरुष इन दो कैटेगरी मे मुखिया नहीं हो सकता। यह कंडिशन सिर्फ नया घर बनवाने के लिए है। पहले से बने घर को Re-Construct करने के लिए महिला मुखिया का होना आवश्यक नहीं है।

इन दोनों कटेगरी मे लगभग 2.67लाख रुपए तक की सब्सिडि का लाभ मिलता है।

अब जानते है तीसरी कटेगरी के वारे मे वो है

MIG1 (Middle Income Group-1)

ये उन लोगों के लिए है जिनकी income 6 लाख से 12 लाख के बीच मे है। यानि 12 लाख रुपए तक की आपकी सालाना आय है तो आप इस ग्रुप मे आते हैं। इस कैटेगरी मे आपको केवल 4% की सब्सिडि मिलती है। इसमे एक सर्त है, की आप लोन चाहे जीतने का लें परंतु इस कटेगरी मे आपको 9 लाख रुपए तक के लोन पर 4% की सब्सिडि मिलेगी। इस कैटेगरी के लोग बड़ा घर ले सकते है। आप लगभग 1722 Square फीट तक का घर ले सकते हैं। और इस कटेगरी मे लगभग 2.35 लाख रुपए तक की सब्सिडि का लाभ मिलता है। ये तो थी MIG-1 कैटेगरी
अब बात करते है MIG -2 कैटेगरी की

MIG2 (Middle Income Group-2)

ये उन लोगों के लिए है जिनकी Income 12लाख से 18लाख रुपए के बीच मे है। ये लोग लगभग 2152 squire फीट तक का घर ले सकते हैं। इसमे एक सर्त है की अब इस कैटेगरी मे आपको सब्सिडि 3% की मिलेगी। जैसे 9% का लोन है तो वो आपको 6% की पड़ेगी। इसमे दूसरी सर्त है, की आप लोन चाहे जीतने का लें परंतु इस कटेगरी मे आपको 12 लाख रुपए तक पर ही 3% की सब्सिडि मिलेगी।
इस कटेगरी मे लगभग 2.30 लाख रुपए तक की सब्सिडि का लाभ मिलता है।

कैसे इस योजना को ले सकते है?

• तो इस schemes को आप किसी भी सरकारी व प्राइवेट बैंक से ले सकते है।
• बहुत से हाउसिंग faineance बैंक भी इस योजना के तहद लोन देते है।
• इस स्कीम को ऑनलाइन आवेदन देकर भी अप्लाई कर सकते है। https://pmaymis.gov.in
• इसके अलावा किसी भी CSC (Common Service Centre) मे जाकर भी इस स्कीम को ले सकते है।

एक important मैसेज इस स्कीम के लिए ये है की इस चार कटेगरी जो अभी बताईं थी उनमे से दो कटेगरी का टाइम पीरियड 31 March 2020 तक ही है। वो है MIG-1 और MIG-2 । तो सायद अब इन दो कटेगरी का लाभ आपको नहीं मिल पाएगा। अगर गवर्नमेंट इन दो कटेगरी को extant करती है तो अच्छी बात है नहीं तो ये दो कटेगारी 31 मार्च के बाद बंद हो जाएंगी।

तो ये थी पूरी जानकारी प्रधान मंत्री आवास योजना के वारे मे।

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How do I invest my money to make money: अगर आपके पास हर महीने अपनी जरूरी आवश्‍कताओं को पूरा करने के बाद पर्याप्‍त पैसा बचता है तो आपके दिमाग में ये बात आती होगी कि अगर इस पैसे को कहीं इन्‍वेस्‍ट कर और पैसा कमाया जा सके तो मजा आ जाए।

इन्वेस्टमेंट करते वक्त भी कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है क्योंकि अनजाने में की गईं गलतियां मेहनत से कमाया पैसा डुबा सकती हैं. आइए आपको बताते हैं ऐसी ही 10 बातों के बारे में-

1. पैसे से पैसा कमाने के निवेश के उद्देश्य को लेकर हों स्पष्ट

कहीं भी पैसा लगाने से पहले यह इस बात को लेकर स्पष्ट हो जाना चाहिए कि आप किस उद्देश्य से इन्वेस्ट करना चाहते हैं। क्या यह होम लोन की जरूरत को लेकर है या फिर भविष्य के खर्चों की पूर्ति के लिए? अगर इन्वेस्टर एक बार अपने निवेश उद्देश्य को लेकर स्पष्ट हो जाए तो वह टार्गेट रिटर्न, टाइम हॉरिजन और जोखिम जैसे अन्य महत्वपूर्ण फैक्टर्स के बीच चुनाव ज्यादा अच्छे से कर सकता है ।

2. इन्वेस्टमेंट प्लान की सही समझ जरूरी

इन्वेस्टमेंट एक झटके में नहीं होता है। इसके लिए सही प्लानिंग और अनुशासन भरी कोशिश की जरूरत होती है। अच्छा रिटर्न पाने के लिए यह मायने नहीं रखता कि कोई कितना बड़ा या छोटा अमाउंट इन्वेस्ट कर रहा है। बल्कि मुख्य जरूरत होती है कि जिस प्लान में इन्वेस्ट करना चाहते हैं उसकी स्पष्ट समझ हासिल की जाए. इसलिए निवेश से पहले अच्छी तरह से रिसर्च करें और उन प्लान्स पर टिके रहें, जो आपको पूरी तरह स्पष्ट हों।

3. एक ही प्लान में न लगाएं सारा फंड

इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी के मामले में विभाजन कामयाबी का मंत्र है। किसी को भी अपना पूरा फंड एक ही प्लान में नहीं लगा देना चाहिए. इन्वेस्टर को निवेश किए जा सकने वाले विभिन्न सेक्टर्स की स्टडी करनी चाहिए और उसके बाद विभिन्न आॅप्शंस में अपने फंड का एक निश्चित हिस्सा लगाना चाहिए. डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो पूरा पैसा डूबने के जोखिम को कम कर देता है।

4. केवल सुनी हुई बातों पर यकीन कर न करें इन्वेस्ट

ट्रेडिंग मार्केट में सच से ज्यादा प्रचार चलता है। लोग दूसरों के कहे पर यकीन कर बिना पूरी रिसर्च किए प्लान्स में इन्वेस्ट कर देते हैं। जबकि सही तो यह है कि किसी के भी कहे—सुने पर यकीन करने के बजाय प्लान्स के बारे में रिसर्च की जाए और अफवाहों व प्रचारों को लेकर अलर्ट रहा जाए।

5. कोई नहीं जान सकता मार्केट की टाइमिंग

स्टॉक मार्केट अस्थिर है, इसमें उतार—चढ़ाव लगा रहता है और कोई भी इसके बारे में सटीक भविष्यवाणी नहीं कर सकता. हालांकि कुछ लोग सही अंदाज लगा लेते हैं लेकिन ऐसा केवल एक या दो बार सही हो सकता है, हर बार नहीं। ज्यादातर इन्वेस्टर्स मानते हैं कि वे सही समय पर मार्केट के उतार—चढ़ाव का सही और वक्त पर पता लगा सकते हें लेकिन मार्केट की टाइमिंग का पता रहना केवल एक मिथ है।

6. इन्वेस्टमेंट में भी अनुशासन जरूरी

जिस तरह जिंदगी में अनुशासन होना जरूरी है, उसी तरह इन्वेस्टमेंट में भी अनुशासन मायने रखता है। अच्छा रिटर्न देने के बावजूद स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने वालों की कमी है, जिसकी वजह इसका उतार—चढ़ाव है. हालांकि जिन इन्वेस्टर्स ने सिस्टेमेटिक अप्रोच के साथ पैसा लगाया है, उन्हें वक्त के साथ सही रिटर्न मिला है। इसलिए जरूरी है कि लॉन्ग टर्म सिनेरियो को ध्यान में रखने के अलावा धैर्य के साथ अनुशासनात्मक इन्वेस्टमेंट अप्रोच को फॉलो किया जाए।

7. फैसलों पर इमोशंस को न होने दें हावी

स्टॉक मार्केट में इमोशंस के लिए जगह नहीं है, विशेषकर डर और लालच के लिए। ऐसे कई मामले हुए, जब इमोशंस पर कंट्रोल न कर पाने के चलते कई इन्वेस्टर्स को मोटा नुकसान उठाना पड़ा। यह सच है कि कम समय में छोटे इन्वेस्टमेंट का बड़ा रिटर्न पाने की कहानियां सुनने के बाद एक झटके में पैसा बनाने की ललक से दूर नहीं रहा जा सकता है. इसके चलते इन्वेस्टर्स बिना ज्यादा सोचे अनजान शेयरों को खरीद लेते हैं और बाद में मार्केट का रुख बदलते ही उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है.। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि अच्छा रिटर्न पाने के लिए अटकलों को न मानकर सही रिसर्च के साथ स्टॉक चुने जाएं।

8. अव्यावहारिक रिटर्न की न रखें चाहत

निवेश से अच्छा रिटर्न पाने की चाहत गलत नहीं है लेकिन जो संभव न हो यानी अव्यावहारिक रिटर्न पाने की आशा गलत है। कई स्टॉक मार्केट स्टडीज दर्शाती हैं कि 12 फीसदी से ज्यादा रिटर्न अलार्म है कि आगे मार्केट गिरने वाला है। ऐसे में होने वाला नुकसान अर्निंग से कहीं ज्यादा होगा।

9. कभी न लगाएं जरूरत का पैसा

इन्वेस्टमेंट के लिए कभी भी अपनी जरूरत का पैसा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हमेशा अतिरिक्त पैसे को ही इन्वेस्ट करना चाहिए. स्टॉक मार्केट के मामले में यह जरूरी नहीं है कि अगर आज नुकसान नहीं हो रहा है तो आगे भी कभी नहीं होगा। इसलिए सलाह दी जाती है कि अतिरिक्त फंड ही इन्वेस्ट करें ताकि अगर कभी नुकसान उठाना पड़े तो भी आपकी जिंदगी सही तरीके से चलती रहे। हालांकि नुकसान के बजाय प्रॉफिट भी हो सकता है, इसलिए जोखिम लें लेकिन संभलकर।

10. अपडेट रहना और मार्केट पर नजर रखना जरूरी

आज के दौर में विश्व के सभी राष्ट्रों के मार्केट अपनी-अपनी बाउंड्री तोड़कर एक साथ आ रहे हैं और मिलकर एक ग्लोबल विलेज तैयार कर रहे हैं। ऐसे में विश्व के किसी भी हिस्से में घटित कोई भी घटना या कोई भी महत्वपूर्ण ईवेंट, हर देश के फाइनेंशियल मार्केट को काफी ज्यादा प्रभावित करता है। इसलिए जरूरी है कि सभी ग्लोबल ईवेंट्स को लेकर अपडेट रहा जाए और पोर्टफोलियो को लगातार मॉनिटर किया जाए। अगर आप खुद से पोर्टफोलियो का रिव्यू नहीं कर सकते तो अच्छा रहेगा कि किसी फाइनेंशियल एडवायजर या प्लानर को हायर कर लिया जाए।

पैसे से पैसा

उम्मीद है की आपको ये लेख जरूर अच्छा लगा होगा। इसी तरह के और भी लेख आपके लिए लाता रहूँगा । लेख से संबन्धित कोई प्रश्न या सुझाव हों तो हमे कमेंट जरूर करें।

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